भोपाल। शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बड़ा तालाब के पूरी तरह भरने के बाद सीजन में दूसरी बार भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोलने पड़े हैं। सीहोर जिले में तेज बारिश होने से कोलांस नदी में उफान आया, जिसका पानी सीधे बड़ा तालाब में पहुंचा। इसके चलते पिछले शुक्रवार को भदभदा डैम के दो गेट खोले गए, जबकि शनिवार और रविवार को कलियासोत डैम के भी कुल छह गेट खोलने पड़े। लगातार दूसरे साल सितंबर महीने में डैम के गेट खोलने की स्थिति बनी है।
शहर के दूसरे प्रमुख जलाशयों की बात करें तो कोलार डैम का वॉटर लेवल 1516.40 फीट है, जिसमें अभी 1513.45 फीट पानी है और यह तीन फीट खाली है। कोलार डैम से भोपाल शहर के 40% हिस्से में पानी की सप्लाई होती है। वहीं, 1673 फीट की क्षमता वाले केरवा डैम में 1669.58 फीट पानी आ चुका है, जो कोलार रोड क्षेत्र में जलापूर्ति और आसपास के गांवों की सिंचाई का मुख्य जरिया है।
बड़ा तालाब से हर रोज पुराने शहर और बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) समेत अन्य इलाकों की 3 लाख से ज्यादा आबादी की प्यास बुझती है। इस तालाब से प्रतिदिन 25 MGD (मिलियन गेलन पानी प्रतिदिन) की सप्लाई की जाती है, जिससे शहर के 20% से अधिक हिस्से में पानी पहुंचता है। कलियासोत डैम के ओवरफ्लो होने के बाद उसका पानी कलियासोत नदी के जरिए आगे बेतवा, यमुना और फिर गंगा नदी तक पहुंचता है।




