प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से ठीक पहले मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर बड़ा कर्ज लिया है। विकास कार्यों और योजनाओं के वित्त पोषण का हवाला देते हुए सरकार ने बुधवार को 2500 करोड़ रुपये के तीन नए कर्ज और ले लिए हैं। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में अब तक लिए गए कुल कर्ज का आंकड़ा 53,900 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे राज्य पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर 5 लाख 42 हजार 614 करोड़ रुपये हो गया है।
आरबीआई के जरिए हुई नीलामी के माध्यम से लिए गए इन कर्जों को अलग-अलग अवधियों में बांटा गया है। सरकार ने 7.39% ब्याज दर पर 8 साल के लिए 700 करोड़ रुपये, 7.58% ब्याज दर पर 12 साल के लिए 900 करोड़ रुपये और 7.66% की सबसे लंबी ब्याज दर पर 22 साल की अवधि के लिए 900 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इन सभी कर्जों पर ब्याज का भुगतान हर छह महीने में किया जाएगा। इससे पहले सरकार ने 1 सितंबर को भी 3,600 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इन पैसों का इस्तेमाल विकास योजनाओं में किया जाएगा और ये निवेश बैंकों के लिए एसएलआर (Statutory Liquidity Ratio) के तहत पात्र होंगे।



