भोपाल: राजधानी के प्रसिद्ध केरवा डैम के फुल टैंक लेवल (FTL) और उस पर हुए कब्जों की सच्चाई सामने लाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा गठित टीम ने गुरुवार को डैम के आसपास पहुंचकर जमीनी निरीक्षण किया। यह टीम शुक्रवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे आगामी 29 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई से पहले NGT में पेश किया जाएगा।
NGT के निर्देशानुसार, टीम ने FTL और बफर एरिया तय करने के लिए ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट तस्वीरों और जल संसाधन विभाग के पुराने रिकॉर्ड को आधार बनाया है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार केरवा डैम का जलमग्न क्षेत्र करीब 462.150 हेक्टेयर है, जिसकी सीमा को पहले 1080 कंक्रीट खंभों से चिह्नित किया गया था। टीम यह भी जांच कर रही है कि इनमें से कितने खंभे अब भी मौके पर मौजूद हैं।
इससे पहले की जांच में यहां कुल 33 अतिक्रमण (18 सरकारी और 15 निजी भूमि पर) चिह्नित किए गए थे। अब ड्रोन और जमीनी सत्यापन के जरिए इनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाया जा रहा है। कमेटी द्वारा तैयार यह रिपोर्ट आगामी 29 अक्टूबर को NGT के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, जिस पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।




