भोपाल वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) भोपाल के नाम और उसकी वास्तविक लोकेशन को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग और यूजीसी की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को 29 नवंबर तक यानी चार सप्ताह के भीतर विस्तृत अतिरिक्त रिपोर्ट और कार्रवाई प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह पूरा मामला एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर शुरू हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यूनिवर्सिटी के नाम में ‘भोपाल’ होने से छात्रों और अभिभावकों को भ्रम होता है, जबकि इसका मुख्य परिसर भोपाल से करीब 100 किलोमीटर दूर सीहोर जिले के कोठरी कलां में स्थित है।
एनएचआरसी ने माना कि वीआईटी भोपाल का नाम और स्थापना मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2007 के तहत कानूनी रूप से हुई है, लेकिन आयोग ने यह सवाल उठाया है कि वैधानिक नाम और वास्तविक स्थान की दूरी के कारण क्या छात्रों के मन में गलत धारणा बन सकती है? राज्य सरकार की पिछली रिपोर्ट में इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं था। इसके साथ ही, आयोग ने यूनिवर्सिटी की वेबसाइट, विज्ञापनों और प्रॉस्पेक्टस में वास्तविक लोकेशन बताए जाने के तरीके की जांच करने के साथ-साथ परिसर में कथित अनधिकृत क्लिनिक और अशांति के पुराने आरोपों पर भी जवाब मांगा है, जिस पर अब राज्य सरकार को नई रिपोर्ट देनी होगी।




