भोपाल: धनतेरस और दीपावली के मौके पर राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वेतन बढ़ाने (₹10,500 से ₹25,000) और अनुकंपा नियुक्ति समेत अन्य मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। शहर में कचरा न उठने से सड़कों, बाजारों और पॉश इलाकों में करीब 2550 टन कचरे के ढेर लग गए हैं।
इन इलाकों में बुरे हालात: मंत्रालय (वल्लभ भवन) के सामने, चार इमली (वीआईपी इलाका), श्यामला हिल्स, 74 बंगले, अटल पथ और कोलार रोड पर कचरे के अंबार लगे हुए हैं। नगर निगम तीन दिन में कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका है।
पानी की सप्लाई भी प्रभावित: सफाई कर्मचारियों के समर्थन में अन्य दैनिक वेतनभोगी और जलप्रदाय कर्मचारी भी मैदान में उतर आए हैं। इससे शुक्रवार को कई इलाकों में पानी के टैंकरों की सप्लाई बंद कर दी गई, जिससे खासकर गरीब बस्तियों में मुश्किलें बढ़ गई हैं। नगर निगम मुख्यालय (अटल भवन) में भी कामकाज पूरी तरह ठप है।
बैठक से उम्मीद: हालात गंभीर होते देख नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने दोपहर बाद आंदोलनकारी यूनियन पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। हड़ताल खत्म कराने को लेकर इस बैठक में कोई बड़ा फैसला आने की उम्मीद है।
प्रेरणादायक पहल: राजगढ़ के खिलचीपुर में बाजार की गंदगी देख दिनेश कुमार नामदेव नाम के एक दर्जी ने खुद झाड़ू और हाथ ठेला उठाकर सुभाष चौक से सर्राफा बाजार तक सफाई की, जिनकी हर तरफ सराहना हो रही है।




