इंदौर। जूनी इंदौर थाना क्षेत्र की नंदनवन कॉलोनी में रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। कार में करीब तीन घंटे तक बंद रहने के कारण एक चार साल की मासूम बच्ची हाजरा की दम घुटने से मौत हो गई। परिजनों को जब तक उसकी सुध आई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
लापरवाही बनी हादसे की वजह
पुलिस के मुताबिक, नंदनवन कॉलोनी के निवासी और लोहा कारोबारी हसन नूर की बेटी हाजरा रविवार दोपहर अपने दादा-दादी और अन्य बच्चों के साथ कार से वर्कशॉप गई थी। दोपहर करीब 12 बजे जब सब लौटकर आए, तो बाकी लोग कार से उतर गए। लेकिन पिछली सीट पर सो रही हाजरा पर किसी का ध्यान नहीं गया। हाजरा की आदत अक्सर कहीं भी सो जाने की थी।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
दोपहर करीब 3 बजे जब बच्ची घर में दिखाई नहीं दी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कार का दरवाजा खोलने पर हाजरा वहां बेसुध हालत में मिली। परिजन उसे तुरंत निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तेज गर्मी के कारण कार के भीतर का तापमान बढ़ने और ऑक्सीजन की कमी (दम घुटने) को मौत का प्राथमिक कारण माना जा रहा है।
जूनी इंदौर थाना प्रभारी (TI) अनिल गुप्ता ने बताया कि मर्ग कायम कर सोमवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। मामले की जांच जारी है और जो भी लापरवाही सामने आएगी, उस आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।




