एनडीपीएस एक्ट (नशीले पदार्थ कानून) के मामलों में कानूनी कमियों को दूर करने और जांच को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए नारकोटिक्स विंग इंदौर ने शनिवार को एक विशेष पहल की। 3 जनवरी को आयोजित इस एक दिवसीय वेबिनार में प्रदेश भर के लगभग 1600 पुलिस अधिकारियों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया।
जांच की मजबूती पर जोर
वेबिनार का मुख्य केंद्र ‘धारा 50’ के अनिवार्य प्रावधान रहे। अक्सर कानूनी बारीकियों की अनदेखी के कारण आरोपी को तकनीकी लाभ मिल जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, जी.पी. इंदौर श्री अभिजीत सिंह राठौड़ ने सहायक उप निरीक्षक (ASI) से लेकर निरीक्षक (Inspector) स्तर के अधिकारियों को तलाशी की सही प्रक्रिया और न्यायिक दृष्टिकोण की विस्तृत जानकारी दी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रशिक्षण?
नारकोटिक्स विंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब भी किसी संदिग्ध की तलाशी ली जाए, तो धारा 50 के नियमों का अक्षरशः पालन हो। यदि जांच अधिकारी इन नियमों का सही पालन करते हैं, तो अदालत में केस और अधिक मजबूत होगा और अपराधियों को सजा मिलना आसान हो जाएगा। इस प्रशिक्षण में जिला पुलिस बल सहित विभिन्न इकाइयों के विवेचकों ने अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।




