
भोपाल | मध्यप्रदेश में आपातकालीन सेवा डायल-112 न केवल त्वरित पुलिसिंग, बल्कि आमजन के लिए जीवन रक्षक कवच साबित हो रही है। पिछले 72 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई सड़क दुर्घटनाओं में डायल-112 की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए दर्जनों घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाई।
प्रमुख घटनाक्रमों पर एक नज़र:
- मंदसौर: शामगढ़ क्षेत्र में टायर फटने से एक यात्री बस पलट गई। सूचना मिलते ही एफआरवी (FRV) मौके पर पहुँची और बस में फंसे 10 घायलों को तत्काल सरकारी अस्पताल पहुँचाया।
- शिवपुरी: कोलारस में बस और ट्रक की भिड़ंत के बाद मची चीख-पुकार के बीच डायल-112 ने मोर्चा संभाला। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 08 घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया।
- नर्मदापुरम व छतरपुर: सिवनी मालवा में अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल युवक और छतरपुर के किशनगढ़ में बाइक भिड़ंत में घायल दो लोगों के लिए डायल-112 के जवान देवदूत बनकर पहुँचे।
संवेदनशीलता की मिसाल
पुलिस की यह ‘त्वरित प्रतिक्रिया सेवा’ (FRV) अब केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता के साथ दुर्घटनाओं में ‘गोल्डन ऑवर’ (कीमती समय) के भीतर सहायता पहुँचाने का विश्वसनीय माध्यम बन गई है।




