बड़ी कार्रवाई: ‘विदवेदा’ कंपनी के डायरेक्टर पर क्राइम ब्रांच ने दर्ज की FIR, रक्षा मंत्रालय को तकनीकी सप्लाई भी देती है आरोपी की कंपनी
इंदौर। शहर के स्टार्टअप कल्चर को निशाना बनाते हुए धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक महिला उद्यमी की शिकायत पर दिल्ली की नामी कंपनी ‘विदवेदा पीआरजी एयरो एंड पोर्ट्स वायेज प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर वचिनाथन थंगवेल के खिलाफ 66 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
अनुबंध के जाल में फंसाया
स्कीम नंबर 54 की निवासी मेघा गर्ग, जो ‘खिओनी’ नामक एक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप चलाती हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्होंने जुलाई 2023 में चेन्नई हवाई अड्डे पर रिटेल स्टोर खोलने के लिए आरोपी की कंपनी के साथ अनुबंध किया था। इस प्रोजेक्ट के लिए शुरुआत में करीब 45 लाख रुपये लिए गए और बाद में किस्तों में कुल राशि 66 लाख के पार पहुंच गई।
शर्तों का उल्लंघन और आर्थिक चपत
शिकायत के मुताबिक, समझौता टर्मिनल-1 पर काम शुरू करने का था, लेकिन आरोपी ने जबरन टर्मिनल-2 पर काम शुरू करवाया। शर्तों के इस उल्लंघन और गलत प्लानिंग की वजह से मेघा को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और आखिरकार काम बंद करना पड़ा।
35 ईमेल और अनगिनत कॉल, पर नहीं मिला जवाब
धोखाधड़ी का अहसास तब हुआ जब मेघा ने अपनी राशि और नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी से संपर्क करना चाहा। उन्होंने बताया कि उन्होंने आरोपी वचिनाथन थंगवेल को 30 से 35 बार ईमेल किए और दर्जनों बार फोन किया, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला। हार मानकर उन्होंने क्राइम ब्रांच की शरण ली।
हाई-प्रोफाइल है आरोपी की कंपनी
इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि आरोपी की एक अन्य कंपनी भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से भी जुड़ी है और वहां तकनीकी उपकरणों की आपूर्ति करती है। फिलहाल क्राइम ब्रांच ने लंबी जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर ली है और अब आरोपी की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।




