नर्मदापुरम। बीमारी ठीक करने का झांसा देकर बुजुर्गों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का देहात थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से वारदात में इस्तेमाल वाहन बरामद किया है।
पेटेंट फार्मूले का झांसा
बीती 13-14 दिसंबर को ठगों ने शहर के एक बुजुर्ग से संपर्क कर खुद को परिचित बताया और गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने की गारंटी दी। खुद को डॉक्टर बताकर आरोपी बुजुर्ग के घर पहुंचे और ‘पेटेंट फार्मूले’ की महंगी दवा देने के नाम पर 1 लाख रुपये क्यूआर कोड के जरिए ट्रांसफर करवा लिए। पैसे मिलते ही आरोपी यह कहकर चंपत हो गए कि “दवा गाड़ी में रखी है”।
ऐसे दबोचे गए शातिर ठग
एसपी साई कृष्णा एस. थोटा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले। पुलिस को सुराग मिला कि ठगी की राशि राजस्थान के एटीएम से निकाली गई है। टीम ने हुलिए के आधार पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में 50 साल से अधिक उम्र के बीमार लोगों को अपना निशाना बनाता था और हर वारदात के बाद मोबाइल और सिम फेंक देता था।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के इलाज के दावों या प्रलोभन में न आएं। बिना जांच-परख के किसी को भी ऑनलाइन भुगतान न करें और संदिग्ध दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।




