भोपाल। राजधानी के बैरसिया इलाके में जमानत के एवज में रिश्वत मांगने के बहुचर्चित मामले में लोकायुक्त पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार को लोकायुक्त ने तत्कालीन एएसआई और दो आरक्षकों के खिलाफ भोपाल की विशेष अदालत में चालान पेश कर दिया। यह कार्रवाई मई 2022 में की गई ट्रैप कार्रवाई के आधार पर की गई है।
मामले के मुख्य बिंदु:
- रिश्वत की मांग: बैरसिया निवासी दरबार सिंह शाक्य के खिलाफ दर्ज मारपीट के मामले में जमानत देने के एवज में लरिया पुलिस चौकी के एएसआई मुकेश मीना ने आरक्षकों के साथ मिलकर 15 हजार रुपए की मांग की थी।
- पहले दिए थे 4 हजार: पीड़ित ने 13 मई 2022 को 4 हजार रुपए दे दिए थे, जबकि शेष 11 हजार रुपए के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
- लोकायुक्त का ट्रैप: परेशान होकर पीड़ित ने भोपाल लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से शिकायतकर्ता को डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर देकर बातचीत रिकॉर्ड कराई।
- रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी: लोकायुक्त टीम ने 18 मई 2022 को बैरसिया-विदिशा रोड स्थित बर्री घाटी के पास कार्रवाई करते हुए रिश्वत लेते दबोचा। जांच में केमिकल परीक्षण के दौरान आरोपियों के हाथों पर रिश्वत की रकम के संपर्क की पुष्टि हुई थी।
लोकायुक्त की लंबी जांच के बाद अब इस मामले में एएसआई मुकेश मीना, आरक्षक दीपक सोनी और आरक्षक बुन्देल सिंह अहिरवार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत पुख्ता सबूतों के साथ चालान दाखिल किया गया है।



