शहर के पूर्वी क्षेत्र के तुलसी नगर में ज्ञान की देवी सरस्वती का मंदिर भक्तों के बीच आस्था का केंद्र है। वास्तु शास्त्र की वैदिक पद्धति से बने इंदौर के इस सरस्वती मंदिर में वसंत पंचमी पर भक्तों का मेला लगता है। यहां स्कूल-कालेज के विद्यार्थी आकर मां शारदे से उज्जवल करियर के लिए कुशाग्र बुद्धि की कामना करते हैं।इस अवसर पर मंदिर में विभिन्न अनुष्ठानों का आयोजन भी होता है।
मंदिर के पुजारी पंड़ित विजय मोहोरे बताते है कि सरस्वती मंदिर के निर्माण में वास्तु की बारीकियों का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है। वसंत पंचमी के दिन इंदौर शहर के आलावा दूसरे शहरों से लोग आकर मां शारदे के दर्शन तथा अपने अभीष्ट मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु मां के श्री चरणों में शीष झुकाते हैं। जिन श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती है वो अपनी श्रद्धा अनुसार मां सरस्वती को साड़ी, आभूषण, प्रसाद इत्यादि का चढ़ावा चढ़ा कर गुप्त दान करते हैं। सोसायटी के संजय यादव और राजेश तोमर का कहना है कि मंदिर में सरस्वती पूजन उत्सव का यह 28वां वर्ष है। नगर निगम के साथ साथ सोसायटी द्वारा सरस्वती मंदिर प्रांगण रखरखाव किया जा रहा है।
उज्जवल करियर की कामना से आते दर्शन के लिए
इस महायज्ञ में स्थानीय निवासियों के आलावा, आसपास के स्कूलों के विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। विद्यार्थी अपने उज्जवल करियर की चाह में मां सरस्वती के दर्शन के लिए आते हैं। वसंत पंचमी के दिन तो स्कूली बच्चों तथा कालेज के विद्यार्थियों का यहां तांता लगा रहता है। इसके साथ ही कई बच्चों का विद्यारंभ संस्कार मां सरस्वती की मूर्ति के समक्ष स्लेट और चाक लेकर किया जाता है।
सरस्वती महायज्ञ का आयोजन
तुलसी सरस्वती सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा हर वर्ष की तरह पांच फरवरी शनिवार को सरस्वती महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। पदाधिकारी केके झा व राजेश तोमर ने बताया कि मंदिर में पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी विद्या एवं ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा वसंत पंचमी के दिन की जाएगी। पूजन शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पूर्ण धार्मिक विधि विधान से की जाएगी। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं से सुरक्षा नियमों का पालन कर दर्शन करने की अपील की गई है।
पंचमी की सुबह पांच बजे से मां शारदे का विशेष श्रृंगार, पूजा एवं अभिषेक होगा। तत्पश्चात सरस्वती महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुगण परिवार, समाज, शहर एवं देश के कल्याणार्थ तथा देश को कोरोना महामारी से पूर्ण रूप से मुक्ति दिलाने के लिए आयोजित सरस्वती महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चारों के बीच आहुतियां देंगे। इस अवसर पर मां सरस्वती को छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया जाएगा।




