भोपाल। डिजिटल युग में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है। घर बैठे मोटी कमाई, फ्री गेमिंग रिवॉर्ड और निवेश पर पैसा दोगुना करने का लालच देकर लोगों को ठगा जा रहा है। इन बढ़ते अपराधों को देखते हुए मध्यप्रदेश पुलिस ने ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान शुरू किया है, जिसका मूल मंत्र है—“सावधानी ही सुरक्षा है।”
प्रमुख सतर्कता बिंदु:
- टास्क फ्रॉड: यदि ऑनलाइन काम शुरू करने से पहले कोई आपसे पैसे जमा करने को कहे, तो समझ लें कि वह ठगी है। वीडियो लाइक या रेटिंग के बदले पैसे का लालच खतरनाक हो सकता है।
- गेमिंग स्कैम: फ्री डायमंड या UC के लालच में किसी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें। यह आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है।
- निवेश में सावधानी: ‘जल्दी अमीर बनाने’ के वादों से बचें। हमेशा SEBI से पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही निवेश करें।
- अभिभावक ध्यान दें: बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उनसे संवाद करें। उन्हें साइबर खतरों के प्रति जागरूक बनाएं।
मोबाइल सुरक्षा के लिए क्या करें?
- संचार साथी पोर्टल: संदिग्ध कॉल या मैसेज की शिकायत ‘चक्षु’ पर करें।
- TAFCOP: अपने नाम पर चल रहे फर्जी मोबाइल नंबरों की जांच करें और उन्हें तुरंत बंद करवाएं।
- IMEI ब्लॉक: मोबाइल चोरी होने पर CEIR के जरिए उसे तुरंत ब्लॉक करें।
ठगी होने पर क्या करें?
पुलिस का कहना है कि साइबर क्राइम में हर मिनट कीमती होता है। ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से आपकी राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।




