राजधानी में गैस किल्लत के बीच सिलेंडर की हेराफेरी के आरोप, 25 हजार बुकिंग पेंडिंग
भोपाल। राजधानी के लालघाटी स्थित प्रियंका गैस एजेंसी पर शुक्रवार सुबह उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब दर्जनों उपभोक्ताओं ने एजेंसी प्रबंधन पर सिलेंडर चोरी और धांधली के आरोप लगाए। मामला तब गरमाया जब कई ग्राहकों को यह कहकर लौटा दिया गया कि उनका सिलेंडर ‘डिलीवर’ हो चुका है, जबकि हकीकत में उनके घर तक गैस पहुंची ही नहीं थी।

क्या है पूरा मामला?
हंगामे के दौरान उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने 4 से 5 दिन पहले सिलेंडर बुक किया था। जब वे एजेंसी पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि रिकॉर्ड में उनके नाम का कोटा खत्म दिखाया जा रहा है। अधिकारियों का तर्क था कि सिलेंडर डिलीवर हो गया है, इसलिए अब अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही हो सकेगी। इस पर भड़के ग्राहकों ने इसे ‘सीधे तौर पर सिलेंडर चोरी’ का मामला बताया।
”मैने 28 मार्च को बुकिंग की थी, लेकिन 3 अप्रैल तक सप्लाई नहीं हुई। यहां आने पर पता चला कि सिलेंडर तो घर पहुँच चुका है। यह बड़ी लापरवाही या मिलीभगत है।”
— अशोक उपाध्याय, पीड़ित उपभोक्ता
शहर में गहराया संकट
भोपाल में वर्तमान में एलपीजी की भारी किल्लत देखी जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक:
- पेंडिंग बुकिंग: 25,000 से अधिक।
- रोजाना बुकिंग: 12 से 14 हजार सिलेंडर।
- दैनिक सप्लाई: मात्र 10 से 11 हजार सिलेंडर।
मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते इस अंतर के कारण जहां एक ओर वेटिंग पीरियड बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर एजेंसी स्तर पर हो रही इस तरह की गड़बड़ियों ने आम जनता की परेशानी दोगुनी कर दी है। फिलहाल, एजेंसी प्रबंधन इस गड़बड़ी पर स्पष्ट जवाब देने से बच रहा है।




