गुलाबी नगर हाउसिंग सोसाइटी के प्लॉट को अपना बताकर सात लाख रुपए ठगने वाले दो आरोपियों को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने 3-3 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल सिंह यादव की अदालत ने सुनाया।
प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी नीरज भार्गव ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने बताया कि देवेंद्र स्वरूप भटनागर और अवधेश सिंह सिसौदिया ने सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचकर फरियादी प्रेम सिंह और आरके गोयल से 7-7 लाख रुपए नकद ले लिए थे।
आरोपियों ने गुलाबी नगर हाउसिंग सोसाइटी स्थित प्लॉट नंबर 23 को अपना बताकर दिखाया और रसीद देने के बाद प्लॉट नंबर 22 आवंटित कर दिया।
रजिस्ट्री से पहले हो गए थे गायब
फरियादियों से यह कहकर राशि ली गई थी कि एक माह में प्लॉट की रजिस्ट्री कर दी जाएगी, लेकिन समय गुजरता गया और आरोपी टालमटोल करते रहे। आखिरकार दोनों फरार हो गए। जब फरियादियों ने जांच की तो पता चला कि न तो प्लॉट नंबर 22 और न ही 23, किसी भी आरोपी के नाम पर नहीं हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। फरियादियों की लिखित शिकायत के आधार पर थाना बागसेवनिया में वर्ष 2013 में मामला दर्ज किया गया था।
मामले में धारा 420 सहपठित धारा 34 भादंवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया और पुलिस ने विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्क, साक्ष्य और दस्तावेजों से संतुष्ट होकर न्यायालय ने देवेंद्र स्वरूप भटनागर एवं अवधेश सिंह सिसौदिया को दोषी पाते हुए उन्हें तीन-तीन वर्ष के कठोर सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।




