बीना, पवन पंथी। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं। यह दलबदल 7 मई को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान से दो दिन पहले हुई।
एएनआई से बात करते हुए निर्मला सप्रे ने अपने फैसले के बारे में बताते हुए कहा कि कांग्रेस में रहते हुए कोई इस क्षेत्र में विकास नहीं ला सकता, क्योंकि वहां न तो कोई सरकार है और न ही कोई एजेंडा। जब पूरा देश और राज्य विकास का अनुभव कर रहा है, तो हमारे बीना को क्यों छोड़ा जाना चाहिए?
उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपने असंतोष के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि पिछले छह महीनों में उन्होंने पाया कि निर्वाचन क्षेत्र में उनका काम नहीं हो रहा।
जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के नेता मोहन यादव का विकास का एजेंडा है, मुझे पिछले छह महीने में एहसास हुआ कि मेरे बीना विधानसभा क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो गया है, क्योंकि जब मैंने क्षेत्र का सर्वेक्षण किया था, तो मैंने कई वादे किए थे। लोगों से कहा था कि मैं क्षेत्र के लिए बहुत कुछ करूंगी। हालांकि, पिछले छह महीनों में मैंने देखा कि मेरा कोई भी काम पूरा नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा,
पीएम मोदी और राज्य के नेता मोहन यादव के नेतृत्व में मैं आज यहां विकास के लिए उनके साथ शामिल होने आई हूं।”
सप्रे ने राहतगढ़ में मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें भाजपा का शॉल ओढ़ाया और पार्टी की सदस्यता दिलाई। उन्होंने आशीर्वाद लेने के लिए उनके पैर छुए, जिसके बाद उन्होंने जय श्री राम के नारे लगाए।
2023 के चुनावों में, सागर जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में से, निर्मला सप्रे अकेली कांग्रेस उम्मीदवार थीं, जिन्होंने बीना विधानसभा सीट जीती थी।
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव चार चरणों में हो रहे हैं। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को हुआ था और दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को संपन्न हुआ था। अगले दो चरण 7 मई और 13 मई को आयोजित किए जाएंगे। वोटों की गिनती 4 जून को होगी।
29 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के साथ, मध्य प्रदेश निचले सदन में प्रतिनिधित्व के मामले में सभी राज्यों में छठे स्थान पर है। इनमें से 10 सीटें एससी और एसटी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं, जबकि बाकी 19 सीटें अनारक्षित हैं।




