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Bio CNG Plant Indore: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, गोबर-धन बायो सीएनजी प्लांट कचरे से कंचन बनाने का काम है

Bio CNG Plant Indore: इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब से कुछ ही देर में इंदौर में बने एशिया के सबसे बड़े बायो सीएनजी प्लांट गोबर-धन का वर्चुअल तरीके से लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा जब हम पढ़ते थे तो इंदौर के नाम के साथ देवी अहिल्याबाई होलकर को याद करते थे। आज भी इंदौर ने देवी अहिल्या की प्रेरणा को नहीं खोया। इंदौर वाले सिर्फ सेव के शौकीन ही नही है, उन्हें सेवा करना भी आता है। प्रधानमंत्री ने सीएनजी प्लांट के लिए इंदौरवासियों और सीएम शिवराज की टीम और पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन और सांसद लालवानी को भी बधाई दी। प्रधानमंत्री ने इंदौर की प्रशंसा के साथ वाराणसी की प्रशंसा की, बोले वहां पर देवी अहिल्या बाई की प्रतिमा भी रखी है, इंदौर वाले वहां जाएंगे तो अहिल्या प्रतिमा के दर्शन करेंगे। इंदौर के कचरे और पशुधन से गोबर धन और इससे स्वस्चता धन और फिर ऊर्जा धन बनेगा। उन्होंने कहा यह गोबर-धन बायो सीएनजी प्लांट कचरे को कंचन बनाने का काम है। देश के अन्य शहरों और गांवों में भी इस तरह के प्लांट बन रहे है। इससे पशुपालकों को गोबर से आय हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कचरे से कंचन बनाने के अभियान की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों को दी जाना चाहिए। यहां बनने वाली जैविक खाद से धरती मां को जीवन दान मिलेगा। इस प्लांट से लोगों को रोजगार मिलेगा। इस तरह ग्रीन रोजगार विकसित होंगे, बीते 7 वर्षों में हमारी सरकार ने जो योजनाए बनाई है, वो स्थाई समाधान देने का काम कर रही है। शहरों को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने का लक्ष्य है। इंदौर एक माडल के रूप में तैयार हुआ है। आज देवगुराड़िया में जहां प्लांट है, वहां पहले कूड़े का ढेर होता था, जिसे इंदौर ने बदला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कूड़े के पहाड़ों से हमारे शहरों को मुक्ति मिले और उन्हें ग्रीन ज़ोन के रूप में तैयार करेंगे।

स्वच्छ होते शहर में नई संभावना पर्यटन की

देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने के लिए 1600 शहरों में मैटीरियल रिकवरी सेंटर बनाएं जा रहे हैं। स्वच्छ होते शहर में नई संभावना पर्यटन की है। जब शहर स्वच्छ होंगे तो दूसरे शहरों से लोग वहां आएंगे। कई लोग इंदौर की सफाई को देखने आते है। इंदौर ने वाटर प्लस को हासिल कर देश के अन्य शहरों को दिशा दिखाने का काम किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समस्याओं को पहचान कर यदि इमानदार प्रयास किया जाए तो बदलाव संभव है। हमारे पास तेल के कुएं नहीं लेकिन बायो फ्यूल से इथेनाल बनाने की क्षमता है।पेट्रोल में एथेनाल का प्रतिशत 8 प्रतिशत तक है। पहले देश मे 40 करोड़ एथेनाल ब्लेंडिंग में इस्तेमाल होता था अब 300 करोड़ एथेनाल ब्लेंडिंग के लिए उपयोग हो रहा है। भारत सोलर से बिजली बनाने में दुनिया के पांच प्रमुख शहरों में शामिल है। किसानों को अन्नदाता के साथ उर्जादाता भी बनाया जा रहा है। आज भारत ग्रीन और क्लीन फ्यूचर के लिए काम कर रहा है। इंदौर की जागरूक बहनों ने कूड़े को अलग मुकाम पर पहुंचाया। इंदौर में 6 तरह से कचरा अलग किया जा रहा है। इंदौर के साथ देशभर के सफाईकर्मियों का आभार व्यक्त करता हूं। हर मौसम में काम करते हैं, कोरोना के दौर में काम किया, ये देश आपका ऋणी है। इंदौर की माता और बहनें अभिनंदन की अधिकारी हैं। मेरी बाल सेना जो घरों में लोगों को कचरा सही जगह फेकने के लिए टोकती है, वो भी शाबासी के हकदार हैं।

सीएम शिवराज ने कहा, इंदौर में नदियों को पुर्नजीवित किया जा रहा है

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा, इंदौर के लोगो को बधाई देता हूं। इंदौर एकमात्र ऐसा शहर है जो 6 तरह के कचरे को अलग करता है। 20 से ज्यादा बाजार जीरो वेस्ट बने है, 3 हजार बेकलेन बनी जहां बच्चे खेलते है। इंदौर में मैं भी झोलाधारी इंदौर चलाया जा रहा है। यहां नदियों को पुर्नजीवित किया जा रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र को भोपाल, जबलपुर और रीवा भी इसी ओर बढ़ रहे हैं। इस प्लांट में गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। इस प्लांट में बैक्टीरिया तैयार करने में गोबर का इस्तेमाल करेंगे, किसानों से गोबर खरीदा जाएगा। प्लांट में सौर उर्जा का उपयोग करेगा। इस तरह आम के आम गुठलियों के दाम की कहानी को चरितार्थ करता है यह प्रोजेक्ट। ऊर्जा साक्षरता का अभियान प्रदेश में चला रहे है, ताकि ऊर्जा को बचाने के साथ निर्माण भी हो।

कार्यक्रम से वर्चुअली जुडे केंद्रीय मंत्री हरदीपसिंह पुरी ने 4 साल पहले इंदौर में हुए 3 आर कांफ्रेंस का किस्सा सुनाया( बोले उस समय जापान के डेलीगेट ने कहा कि इंदौर शहर में कही गंदगी नहीं दिखी। इंदौर देश का पहला शहर था जिसे वाटर प्लस का तमगा मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत में सांसद शंकर लालवानी ने अपने संबोधन में कहा कि पांचवी पर देश का सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड इंदौर को मिलने पर राष्ट्रपति ने कहा कि लगातार पांच बार नंबर वन आना बहुत बड़ी बात है। उन्होंने यहां कि यह बायो सीएनजी प्लांट एशिया ही नहीं विश्व का सबसे बड़ा कचरे से सीएनजी बनाने का प्लांट होने जा रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की कर्मठता है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार मंदिर जाते हुए सफाई के लिए झाड़ू उठाई तो वह स्वच्छता की रैंकिंग बन गई। मोदीजी के आने के बाद आम जनता में राजनेताओं के प्रति घटता सम्मान बढ़ा है।

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स्वच्छता के नवाचारों से ही इंदौर ने विगत पांच वर्षो से स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर 1 का ताज पहन रखा है। इंदौर शहर में तैयार हुए एशिया के सबसे बड़े बायो सीएनजी प्लांट का लोकापर्ण स्वच्छता के नवाचारों में एक मील का पत्थर साबित होगा। ट्रेचिंग ग्राउंड में 550 टन गीले कचरे से 17500 किलो बायो सीएनजी तैयार करने वाले ‘गोवर्धन बायो सीएनजी प्लांट’ का शुभारंभ हो गया है। इस प्लांट के माध्यम से एक साल में 1 लाख 30 हजार टन कार्बन डाइ आक्साइड के उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा।

विश्व बायोगैस फोरम से करवाया जाएगा प्रमाणीकरण

इंदौर में तैयार हुए 550 टन क्षमता वाले इस बायो सीएनजी प्लांट को फिलहाल एशिया का सबसे बड़ा प्लांट कहा जा रहा है। अभी जर्मन में ही इस तरह बायोगैस प्लांट होने का दावा किया जा रहा है। विश्व बायोगैस फोरम के माध्यम से इस प्लांट का प्रमाणिकरण करवाया जाएगा। इसके पश्चात यह संभावना जताई जा रही है कि यह प्लांट विश्व का सबसे अधिक क्षमता वाला बायो सीएनजी प्लांट हो सकता है।

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जर्मनी में 12 डाइजेस्टर के माध्यम से गीले कचरे का उपयोग कर बिजली बनाई जाती है। भारतीय बायो गैस संस्थान के अध्यक्ष गौरव कुमार केडिया के मुताबिक इंदौर में गीले व सूखे को अलग-अलग किया जा रहा है। यही वजह है कि वैज्ञानिक तरीके से इसका निराकरण कर गैस व खाद बनाई जा रही है। इंदौर ने तकनीकी, सामाजिक व आर्थिक तरीके को सही उपयोग कर इस प्लांट को देश के अन्य शहरों के लिए उदाहरण के रुप में प्रस्तुत किया है। देश के अन्य शहर भी इस तरह का प्लांट अपने शहरों में तैयार कर पाएंगे।

बायो सीएनजी प्लांट : एक नजर

-550 टन गीले कचरे से 17500 किलो बायो सीएनजी तैयार

-अगस्त 2020 में शुरु हुआ था निर्माण

-150 करोड़ रुपये हुए खर्च

-100 टन प्रतिदिन खाद तैयार होगी

-15 एकड़ में बना हुआ प्लांट

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-600 टन प्रतिदिन गीले कचरे की कटाई कर सीएनजी बनाने के लिए स्लरी तैयार की जाएगी।

– 4 डाइजेस्ट में स्लरी को डाला जाएगा जिससे बायोगैस तैयार होगी। अभी 250 टन क्षमता के दो डाइजेस्टर में गीला कचरा डालकर बायो सीएनजी गैस तैयार की जा रही। अन्य दो डाइजेस्टर में कल्चर तैयार होग रहा है, इसमें मार्च माह के शुरुआत में गीला कचरा डाल बायो सीएनजी का उत्पादन शुरु किया जाएगा।

– 2 शिफ्ट में सुबह व रात को होगा प्लांट का संचालन।

-65 कर्मचारी यहां करेंगे काम।

– सेंट्रल कमांड कंट्रोल रुम से प्लांट की होगी मानीटरिंग।

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– 400 सिटी बसों को बायो सीएनजी उपलब्ध करवाने की है योजना। उदघाटन के दिन 25 बसों को दिया जाएगा ईंधन।

– 300 किलो बायो सीएनजी अभी हुई है तैयार। रविवार से 500 किलो बायो सीएनजी तैयार होगी और फरवरी माह के अंत तक 2 हजार किलो बायो सीएनजी तैयार होगी।

– एक वर्ष में 200 से ज्यादा बार गीले कचरे की टेस्टिंग कर जांची शुद्धता, यह पता किया गया कि कही सूखा कचरा तो गीले के साथ नहीं आ रहा।

– 96 फीसद मीथेन वाली बायो सीएनजी होगी तैयार।

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