भोपाल। शहर के व्यस्ततम नदीम रोड पर डामरीकरण का काम शुरू होते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बुधवार देर रात जब सड़क बनाने वाली मशीनें मौके पर पहुँचीं, तो काम का श्रेय लेने की होड़ में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक-दूसरे के सामने आ गए।
विवाद की जड़: किसकी निधि से हो रहा काम?
पुराने शहर की इस बदहाल सड़क के कायाकल्प के लिए करीब 10 लाख रुपए की राशि खर्च की जा रही है। मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि यह निर्माण कार्य नगर निगम के बजट और सांसद आलोक शर्मा के प्रयासों से हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह काम उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आतिफ अकील की विधायक निधि से कराया जा रहा है।


व्यापारियों को राहत, राजनीति गरमाई
नदीम रोड की जर्जर हालत से व्यापारी और ग्राहक लंबे समय से परेशान थे। देर रात काम शुरू होते ही दोनों पक्षों के समर्थक अपनी-अपनी पार्टियों के पक्ष में नारेबाजी करने लगे। हालांकि, हंगामे के बीच सड़क का काम जारी रहा। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि काम चाहे जिसकी भी निधि से हो, सड़क अच्छी बनने से व्यापार में आसानी होगी और लोगों को धूल-गड्ढों से निजात मिलेगी।




