उदय प्रताप सिंह चौहान।
वाणिज्यिक कर विभाग के निरीक्षकों ने सरकार से अपना पदनाम बदलने और नायब तहसीलदारों के समान राजपत्रित अधिकारी का दर्जा राज्य शासन से मांगा है। इस विभाग के निरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन में पहुंचे उप मुख्यमंत्री और वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि निरीक्षकों की जिम्मेदारी है कि बकाया रिकवरी के लिए स्व प्रेरित रहकर कार्य करें। डीलर बेस बढ़ायें, टैक्स इवेजन पर प्रभावी कार्रवाई करें।

देवड़ा ने कहा कि जीएसटी कलेक्शन में राजस्व निरीक्षकों की अहम भूमिका होती है। यह विभाग न केवल जीएसटी कलेक्शन करता है, बल्कि टैक्सपेयर्स को मार्गदर्शन और सहायता भी देता है। फील्ड वर्क से प्राप्त जानकारी के आधार पर रेवेन्यू जनरेट करने का काम करें। सरकार उनकी मांगों पर समय पर निर्णय लेगी। रवीन्द्र भवन भोपाल में मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर निरीक्षक के वार्षिक अधिवेशन एवं स्वर्ण जयंती समारोह में डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प 2047 में हमारा राष्ट्र विकसित राष्ट्रों में नबंर 1 पर होगा।

वसूली के लिए स्व प्रेरित होकर काम करें इंस्पेक्टर
देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों को टैक्स कलेक्शन के लिये मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व निरीक्षकों की समस्या और उसके समाधान को गंभीरता से लेना चाहिये जिसे पूरी ईमानदारी से हल करना होगा। उप मुख्यमंत्री देवडा ने वाणिज्यिक कर निरीक्षकों से अपील की है कि राजस्व वृद्धि के लिये बकाया की रिकवरी में स्वयं प्रेरित रहकर कार्य करें। डीलर बेस बढ़ायें, टैक्स इवेजन पर प्रभावी कार्रवाई करें। फील्ड वर्क से प्राप्त जानकारी के द्वारा राजस्व में वृद्धि करें। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी क्षमताओं को उन्नत करने के लिये प्रशिक्षण और विकास के साथ बेहतर सहयोग और समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य के लिये निरीक्षकों को प्रेरित और उत्साहवर्धन के साथ पुरस्कार और सम्मान भी देना चाहिए। जो भी मांगें है उसे नियमानुसार पूरी करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने सभी राजस्व निरीक्षकों को रक्षाबंधन और 15 अगस्त की शुभकामनाएं दी।
आयुक्त बोले, अभी नया हूं, विभाग समझ लूं, फिर मांगें पूरी कराउंगा
आयुक्त वाणिज्यिक कर धनराजू एस ने कहा कि टैक्स कलेक्शन बड़ा पुराना कार्य है। समय के साथ इसमें बदलाव एवं अपेक्षा भी बदली है। वे अभी इस विभाग में नए हैं। विभागीय गतिविधियों को समझेगे और फिर विभागीय मांग पत्र को समझ कर उसे पूरा किया जायेगा। हम सब मिलकर राजस्व कलेक्शन का दायित्व जिम्मेदारी से निभायेंगे। एक देश एक कर-एक समान कर्त्तव्य एवं दायित्वनिरीक्षक संघ के अध्यक्ष संदीप मीणा ने बताया प्रदेश के सभी जिला के निरीक्षक आज आए हैं। यह संगठन 400 निरीक्षकों का समूह है। आज हम 50 वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। हम “एक देश-एक कर-एक समान कर्त्तव्य एवं दायित्व” के सिद्धांत पर कार्य कर रहे है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री एवं आयुक्त वाणिज्यिक कर को विभागीय कार्य सुचारू रूप से चलाने की आवश्यकताओं से अवगत कराया और समाधान का आग्रह किया।
यह हैं निरीक्षकों की मांगें
- मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर निरीक्षकों को जीएसटी में परिभाषित निरीक्षकों के समान कार्य दायित्व सौंपे जाएं।
- वाणिज्यिक कर निरीक्षक राज्य सिविल सेवा का स्थायी प्रकृति का कार्यपालिक पद है। इसलिए समकक्ष अस्थायी संवर्ग को समकक्षता और पदोन्नति में अलग किया जाए।
- एमपी राज्य सेवा परीक्षा नियम 2015 के 30वें क्रम के पद नायब तहसीलदार के समान 30वें क्रम के वाणिज्यिक कर निरीक्षक को राजपत्रित द्वितीय श्रेणी का अधिकारी घोषित किया जाए और वेतनमान 4200 ग्रेड पे किया जाए।
- सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर पदोन्नति और उच्च पद का प्रभार 100 प्रतिशत राज्य कर निरीक्षकों को ही दिया जाए और पांच साल से अधिक सेवा पूरी कर चुके सभी वाणिज्यिक कर निरीक्षकों को उच्च पद का प्रभार दिया जाए।
- वाणिज्यिक कर विभाग में सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग और पुलिस विभाग के समान सेवाओं में आगे बढ़ने के निर्देश जारी किए जाएं।
- वाणिज्यिक कर निरीक्षकों को उनकी पदीय गरिमा के मुताबिक दो करोड़ टर्न ओवर तक के प्रकरणों में टैक्स निर्धारण, एडज्युडिकेशन के अधिकार दिए जाएं।
- वाणिज्यक कर निरीक्षक का फील्ड अधिकारी के रूप में काम करने पर वाहन भत्ता दिया जाए और हर निरीक्षक को अलग से वाहन उपलब्ध कराया जाए।
- तिलहन संघ से संविलयन के जरिये आए निरीक्षकों को चौथे वेतनमान के बाद सीधे छठवें वेतनमान का लाभ दिया गया है। पांचवें वेतनमान का लाभ भी उनके वेतनमान में जोड़ा जाए।
- वाणिज्यिक कर निरीक्षक का नाम बदलकर सहायक राज्य कर अधिकारी रखा जाए।
- विभाग में सूचना तकनीक कर निर्धारण, आडिट पोर्टल से जानकारी डाउनलोड करने और बैंक आफिस कार्य के लिए स्टाफ की पूर्णकालिक भर्ती कर वर्तमान स्टाफ का श्रम विभाजन किया जाए।




