भोपाल | मध्यप्रदेश में देश की 16वीं जनगणना का काउंटडाउन शुरू हो गया है। आगामी 1 मई से 30 मई तक पहले चरण का काम चलेगा, जिसमें मुख्य रूप से मकानों की सूची तैयार की जाएगी। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें नागरिक खुद भी अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे।
33 सवालों में सिमटेगी आपकी गृहस्थी
पहले चरण के दौरान कर्मचारी आपके घर पहुंचकर 33 बिंदुओं पर जानकारी लेंगे। इसमें मकान की स्थिति, छत-दीवार की बनावट, बिजली-पानी के स्रोत, शौचालय की सुविधा और घर में मौजूद वाहनों (साइकिल से लेकर कार तक) की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके अलावा मोबाइल, इंटरनेट और टीवी जैसे उपकरणों का डेटा भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
भोपाल में 25 जोन, 6 हजार कर्मचारी तैनात
जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता के अनुसार, अकेले भोपाल जिले को 25 जोन में बांटा गया है। काम की निगरानी के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
- कर्मचारी: शहर में 5042 और ग्रामीण क्षेत्रों में 907 प्रगणक तैनात।
- जिम्मेदारी: एक प्रगणक को औसतन 200 मकानों का सर्वे करना होगा।
- पर्यवेक्षण: हर 6 प्रगणकों के काम की निगरानी एक सुपरवाइजर करेगा।
ट्रेनिंग और तकनीक पर जोर
इस बार डेटा जुटाने के लिए ‘HLO मोबाइल ऐप’ का इस्तेमाल होगा। प्रगणकों को 15 से 25 अप्रैल तक विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्हें सिखाया जा रहा है कि मकानों पर नंबर कैसे डालने हैं और जनता के साथ समन्वय बनाकर डेटा की शुद्धता कैसे सुनिश्चित करनी है।
खास बात: यह आजादी के बाद की 8वीं जनगणना है। दूसरा और मुख्य चरण अगले साल आयोजित किया जाएगा, जिसमें जनसंख्या की वास्तविक गिनती होगी।



