पटना। बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। रविवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया है।
एनडीए (NDA) की महत्वपूर्ण बैठक के बाद उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। जानकारी के अनुसार, कल यानी 15 अप्रैल को राजधानी के लोकभवन में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां सम्राट चौधरी पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
भाजपा का पहला मुख्यमंत्री
बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका होगा जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा। अब तक भाजपा राज्य में गठबंधन की सरकारों में कनिष्ठ या वरिष्ठ सहयोगी (उपमुख्यमंत्री पद तक) की भूमिका में रही है, लेकिन यह पहली बार है जब कमान पूरी तरह भाजपा के हाथ में होगी।
सियासी हलचल तेज
सम्राट चौधरी को कमान मिलने की खबर के बाद से ही पटना में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। समर्थकों के बीच जश्न का माहौल है और भाजपा कार्यालय के बाहर भारी भीड़ जुटने लगी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने सम्राट चौधरी पर दांव खेलकर राज्य के पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ युवाओं को भी साधने की कोशिश की है।




