प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंदौर में बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े एक बड़े मामले में सख्त कार्रवाई की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ED ने आरोपी आलोक शारदा और अन्य से जुड़ी 13 करोड़ रुपए मूल्य की 18 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच (कुर्क) किया है।
यह पूरी कार्रवाई भोपाल EOW द्वारा दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें IDBI बैंक और ‘किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज’ के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था।
- फर्जी रसीदों पर लोन का खेल: इंदौर के मानपुर स्थित शारदा वेयरहाउस के प्रोपराइटर आलोक शारदा पर वेयरहाउस रसीद वित्त योजना का दुरुपयोग करने का आरोप है। वेयरहाउस में सोयाबीन और चना होने का दावा करते हुए फर्जी रसीदें बनाई गईं और 42 किसानों के नाम पर 62,965 बोरी उपज के एवज में लोन मंजूर कराया गया।
- उपज गायब और करोड़ों का नुकसान: आरोप है कि गिरवी रखी गई कृषि उपज को बिना अनुमति वेयरहाउस से निकालकर बेच दिया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान माल में भारी कमी पाई गई। इस फर्जीवाड़े से IDBI बैंक को लगभग 14.04 करोड़ और वित्तीय कंपनी को 12.04 करोड़ यानी कुल मिलाकर करीब 26 करोड़ रुपए का गैर-कानूनी नुकसान हुआ।
मामले में आगे की जांच जारी है, और वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है।




