मध्य प्रदेश की जेलों में व्यवस्था सुधारने और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। हाल ही में मध्य प्रदेश के जेल डीजी वरुण कपूर ने बड़वानी सेंट्रल जेल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला कैदियों और उनके साथ रह रहे मासूम बच्चों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।

अक्सर जेल की सलाखों के पीछे महिला कैदियों के साथ उनके छोटे बच्चों को देखना एक बेहद दुखद अहसास होता है, लेकिन बड़वानी जेल प्रशासन ने इन मासूमों के बचपन को सहेजने के लिए एक शानदार और संवेदनशील पहल की है। यहां की महिला बैरक को एक प्ले-स्कूल की तर्ज पर खूबसूरती से सजाया गया है। दीवारों पर बच्चों के पसंदीदा कार्टून, जानवरों और कॉमिक किरदारों की आकर्षक वॉल पेंटिंग बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को जेल के नीरस और तनावपूर्ण माहौल से दूर रखकर एक दोस्ताना और बाल-सुलभ वातावरण प्रदान करना है।

निरीक्षण के दौरान डीजी वरुण कपूर ने खुद बच्चों और महिलाओं को उपहार बांटे और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया। उन्होंने जेल प्रशासन की इस अनूठी सोच की जमकर सराहना करते हुए कहा कि नवाचार और हमेशा कुछ बेहतर करने का प्रयास ही मध्य प्रदेश जेल विभाग का मूल मंत्र है।

इस मानवीय और सराहनीय कार्य के लिए उन्होंने बड़वानी जेल की पूरी टीम को बधाई दी। जेल प्रशासन की यह पहल न केवल बच्चों के स्वस्थ मानसिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि जेल सुधार (प्रिजन रिफॉर्म्स) की दिशा में भी पूरे प्रदेश के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है।



