राजधानी भोपाल में इस बार का गणेश उत्सव पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल बनेगा। निगम प्रशासन ने इस बार पर्व को ‘स्वच्छोत्सव’ के रूप में मनाने का बड़ा निर्णय लिया है, जिसमें सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त और पूरी तरह जीरो वेस्ट व्यवस्थाओं पर जोर रहेगा।
- मुख्य बिंदु:
- सम्मानित होंगी समितियां: शून्य कचरा (जीरो वेस्ट) अवधारणा के आधार पर पंडाल सजाने और भंडारे का आयोजन करने वाली 5 सर्वश्रेष्ठ झांकी और भंडारा समितियों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा।
- पुरस्कार श्रेणी: प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाली समितियों के साथ दो-दो सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
- अनिवार्य पंजीयन: सभी झांकी समितियों का पंजीयन संबंधित जोन के सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों (AHO) द्वारा कराया जाएगा।
महापौर मालती राय ने अटल भवन में गणेश उत्सव समितियों के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया कि स्वच्छता में ही पवित्रता का वास है। इसके साथ ही विसर्जन चल समारोह के मार्गों और घाटों को पूरी तरह सुव्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।



