इंदौर के कल्याण संपत क्षेत्र में रहने वाली 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को उसकी बेटी और बेटे की सूझबूझ से डिजिटल अरेस्ट ठगी का शिकार होने से बचा लिया गया। ठगों ने खुद को अधिकारी बताकर महिला को डराया और 4 लाख रुपए ट्रांसफर कराने की कोशिश की थी।
स्टेट साइबर सेल के डीएसपी नरेंद्र रघुवंशी ने बताया कि कनाडिया क्षेत्र में रहने वाली बुजुर्ग महिला अपनी बेटी के साथ रहती हैं।
शनिवार को बेटी के घर से बाहर जाने के बाद महिला के पास एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया।
उसने कहा कि महिला के बैंक खाते में 6 करोड़ रुपए जमा होने की जानकारी मिली है और इसी मामले में अब आपकी गिरफ्तारी होगी।
किसी से बात न करने का बनाया दबाव नकली अधिकारी ने महिला को किसी से भी बात न करने की हिदायत दी और कॉल डिस्कनेक्ट न करने का दबाव बनाया। इसके बाद उसने महिला से एटीएम कार्ड की जानकारी मांगी। महिला ने बताया कि एटीएम कार्ड उनकी बेटी के पास रहता है।
इसके बाद आरोपी ने बेटी के एटीएम कार्ड का फोटो भेजने को कहा। बेटी मीटिंग में होने के कारण कुछ देर बाद भेजने की बात कहने लगी। जब उसने फोटो मांगने का कारण पूछा तो बुजुर्ग महिला ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
बैंक जाकर 4 लाख रुपए RTGS करने का दबाव इसके बाद नकली सीबीआई अफसर ने महिला पर बैंक जाकर 4 लाख रुपए RTGS करने का दबाव बनाया। साथ ही कहा कि अगर किसी को बताया तो मामला और बिगड़ जाएगा। आरोपी ने महिला से मोबाइल चालू रखने और बैग में रखने के लिए कहा। बैंक पहुंचकर बुजुर्ग महिला ने मैनेजर से 4 लाख रुपए ट्रांसफर करने की मांग की।
बैंक मैनेजर की सतर्कता से बची बड़ी ठगी बुजुर्ग महिला के बेटे के किसी अन्य बैंक में बड़े पद पर होने की जानकारी होने पर बैंक मैनेजर को शक हुआ। मैनेजर ने तुरंत महिला के बेटे से संपर्क किया। बेटे ने पैसे ट्रांसफर करने से साफ मना कर दिया और बहन से बात की। इसके बाद परिवार ने स्टेट साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
मौके पर पहुंची साइबर पुलिस, आरोपी ने काटा कॉल शिकायत मिलते ही स्टेट साइबर सेल की टीआई अंजू पटेल तत्काल बुजुर्ग महिला के पास पहुंचीं। उन्होंने महिला का मोबाइल लेकर व्हाट्सएप कॉल पर फर्जी सीबीआई अफसर से बात की। पुलिस की आवाज सुनते ही आरोपी ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया।
नंबर ब्लॉक, NCR पोर्टल पर शिकायत टीआई अंजू पटेल ने आरोपी का नंबर ब्लॉक करवाया और एनसीआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद बुजुर्ग महिला को सुरक्षित घर पहुंचाया गया और परिवार के साथ काउंसलिंग भी की गई। इस तरह समय रहते कार्रवाई से 4 लाख रुपए की ठगी होने से बचा लिया गया।




