Wednesday, October 7, 2026
23.2 C
Bhopal

बुजुर्ग महिला से 17 लाख की ऑनलाइन ठगी

इंदौर क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी देकर 61 वर्षीय महिला से पांच दिन में 17 लाख रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर करा लिए। घटना जुलाई 2025 की है। महिला बदनामी के डर से पुलिस के पास नहीं पहुंची। अब परिजनों की समझाइश पर थाने आकर एफआईआर दर्ज कराई।

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि महिला के पास तीन अलग-अलग नंबरों से फोन आया था और आरोपियों ने अलग-अलग खातों में ही राशि ट्रांसफर कराई है। महिला को पहला कॉल करने वाले ने अपना नाम ब्रजेश कुमार बताया। उसने खुद को टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बताते हुए कहा कि आपके नाम से दूसरी सिम जारी हुई है, जिससे संदिग्ध लेन-देन किया जा रहा है।

महिला ने इससे इंकार किया, तो आरोपी ने कहा कि कोलाबा पुलिस स्टेशन में आपके खिलाफ एफआईआर हुई है। आप मुंबई आ जाएं। इसके बाद दूसरे नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कोलाबा थाने की इंस्पेक्टर आरती बताया और कहा कि कथित सिम के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग और तस्करी से जुड़ा पैसा बैंक में जमा कराया गया है। आरोपी ने वारंट जारी होने की बात कहकर डराया और खाते की जांच का बहाना कहकर कॉल काट दिया।

‘दया नायक’ ने कहा-सहयोग करोगी तो बचा लेंगे

कुछ ही देर बाद तीसरा कॉल आया। कॉलर ने खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर दया नायक बताया। उसने कहा कि आप मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंस चुकी हैं, लेकिन जांच में सहयोग करने पर बचाया जा सकता है। साथ ही परिवार को कुछ न बताने की हिदायत दी गई। इसके बाद बैंक खातों और संपत्ति की जानकारी ली गई और जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया।

पांच बार में 17 लाख किए ट्रांसफर

महिला ने कथित सीबीआई इंस्पेक्टर के कहे अनुसार पांच बार में 17 लाख रुपए उनके बताए अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों ने राशि अलग-अलग खातों में जमा कराई। साथ ही भरोसा दिलाया कि 48 से 72 घंटे में राशि वापस मिल जाएगी। महिला ने कुछ दिन बाद संबंधित मोबाइल नंबरों पर कॉल किया, तो वे बंद पाए गए।

परिजनों ने बैंक खातों की जानकारी ली, तब खुला मामला

राशि वापस न मिलने पर महिला ने बदनामी और डर के कारण लंबे समय तक यह बात किसी को नहीं बताई। बाद में जब परिजनों ने बैंक खातों की जानकारी ली तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद महिला को परिजनों ने समझाया और वह एफआईआर कराने को तैयार हुई। मंगलवार को परिजनों के साथ महिला क्राइम ब्रांच पहुंची और प्रकरण दर्ज कराया।

अकाउंट होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि

जिन बैंक खातों में राशि जमा कराई गई है, उनकी जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित अकाउंट होल्डरों की जानकारी निकाली जा रही है।

एडिशनल डीसीपी बोले-“डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं”

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि पुलिस पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुकी है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती और न ही पुलिस या जांच एजेंसियां फोन पर पैसे ट्रांसफर करने को कहती हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

Hot this week

ग्वालियर में परिवार नियोजन जागरूकता अभियान शुरू, छह दिनों तक शहर में होंगे नुक्कड़ नाटक और रैलियां

​ग्वालियर: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, UNFPA और फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन...

पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष: भोपाल के रवींद्र भवन में गूंजा विकसित भारत का संकल्प

​भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष...

सौतेली बेटी के गले पर कटर से हमला करने वाले पिता को 7 साल की सजा

​भोपाल: राजधानी के कोहेफिजा थाना इलाके में अपनी ही सौतेली...

गुना के लापता कोर्ट कर्मचारी का शव विदिशा में खेत पर फंदे से लटका मिला

​गुना/विदिशा: गुना जिला न्यायालय में कार्यरत कोर्ट कर्मचारी मनीष बाथम...

Topics

सौतेली बेटी के गले पर कटर से हमला करने वाले पिता को 7 साल की सजा

​भोपाल: राजधानी के कोहेफिजा थाना इलाके में अपनी ही सौतेली...

गुना के लापता कोर्ट कर्मचारी का शव विदिशा में खेत पर फंदे से लटका मिला

​गुना/विदिशा: गुना जिला न्यायालय में कार्यरत कोर्ट कर्मचारी मनीष बाथम...

भोपाल के मिसरोद में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत: दहेज प्रताड़ना का आरोप

​भोपाल: राजधानी के मिसरोद इलाके में ढाई साल पहले ब्याही...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img