भोपाल | अपनी विभिन्न मांगों और प्रशासनिक अनदेखी से नाराज भोपाल के सैकड़ों किसानों ने एमपी नगर एसडीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन डेरा डाल दिया है। हुजूर और एमपी नगर तहसील के इन किसानों का नेतृत्व भारतीय किसान संघ कर रहा है। किसानों का साफ कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का ठोस निराकरण नहीं होता, वे पीछे नहीं हटेंगे।
प्रमुख मांगें और नाराजगी के कारण:
- राजस्व कार्यों में देरी: किसानों का आरोप है कि नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों में तहसील के चक्कर काटने पड़ते हैं। ‘बाबूगिरी’ और दलालों के हस्तक्षेप से आम किसान परेशान है। उनकी मांग है कि पटवारी हर सोमवार और गुरुवार को अनिवार्य रूप से गांवों में बैठें।
- गेहूं खरीदी में अव्यवस्था: सरकारी पोर्टल की खराबी और स्लॉट बुकिंग न होने से किसानों का गेहूं या तो खेतों में पड़ा है या घर में। खराब मौसम के चलते फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है।
- मुआवजे का पेंच: पिपलानी से खजूरीकलां फोरलेन प्रोजेक्ट में अधिग्रहित जमीन के लिए किसान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार बाजार मूल्य से 4 गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
- बीमा और बिजली: ओलावृष्टि से हुए नुकसान का पारदर्शी सर्वे और जर्जर बिजली लाइनों व खंभों के सुधार की मांग भी उठाई गई है।
किसान नेता कुबैर सिंह राजपूत ने बताया कि कई बार आवेदन देने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई, तब जाकर उन्हें धरने का रास्ता चुनना पड़ा। प्रशासन की चुप्पी किसानों के गुस्से को और बढ़ा रही है।




