धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम लाबरिया में हुई हत्या के तीन साल पुराने मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। सरदारपुर की द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने पति की हत्या के आरोप में पत्नी रेखा बाई और उसके प्रेमी मनोज उर्फ मनोहर को दोषी करार दिया, उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। रेखा बाई झाबुआ जिले के पेटलावद की रहने वाली है, जबकि मनोज माही कॉलोनी, पेटलावद का निवासी है। इस मामले में एक और महिला आरोपी माया अब भी फरार है, जिसे कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है।
माही डैम के पास मिला था शव यह मामला 14 मार्च 2022 का है। राजोद थाना क्षेत्र के ग्राम लाबरिया स्थित माही डैम पर उस दिन सुबह चौकीदार प्रवीण ड्यूटी पर पहुंचा था। तभी कुछ चरवाहों ने बताया कि डैम की दीवार के पास एक शव पड़ा है। सूचना मिलते ही डैम प्रबंधन और पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में मृतक की पहचान सुखराम पिता नाथु के रूप में हुई, जो बस में कंडक्टर का काम करता था।
पत्नी बनकर रह रही थी रेखा, पहली पत्नी छोड़ गई थी घर
जांच में सामने आया कि सुखराम, रेखा बाई और उसकी बेटी माया को कोटा से अपने घर लाया था और रेखा को पत्नी बनाकर साथ रख रहा था। इसी कारण उसकी पहली पत्नी मुन्नी बाई घर छोड़ मायके चली गई थी। रेखा और सुखराम के बीच चरित्र को लेकर अक्सर झगड़े होते थे।
रेखा बाई, उसकी बेटी माया और रेखा के प्रेमी मनोज ने मिलकर सुखराम की हत्या की साजिश रची। उन्होंने गेंती और फावड़े से वार कर उसकी जान ले ली और फिर शव को माही डैम के किनारे फेंक दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा कर जांच शुरू की और तीनों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए।
14 गवाहों के बयान से कोर्ट में साबित हुआ जुर्म
अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से केवल एक गवाह की गवाही कराई गई। अपर लोक अभियोजक वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि हत्या साजिशन की गई थी।
न्यायालय ने अभियोजन के साक्ष्यों को पूरी तरह से विश्वसनीय माना और दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। फरार चल रही माया बाई की तलाश अब भी जारी है।




