भोपाल के हथाईखेड़ा डैम पर अवैध कब्जा, मत्स्याखेट यानी, मछली के पालन और शिकार आदि को लेकर मछली पालन सहकारी समिति इस्लाम नगर हथाईखेड़ा के अध्यक्ष और सदस्य आगे आए हैं। कलेक्टर समेत विभाग से शिकायत कर कहा कि हथाईखेड़ा डैम पर मछली गैंग का कब्जा हो रहा है। वास्तविक मछुआरों व सदस्यों को हटाने का षड्यंत्र किया जा रहा है। पहले जिनका कब्जा था, वे अब फिर से कब्जा कर रहे हैं।
डैम पर मछली पकड़ने से पहले रोक, फिर अनुमति और फिर रोक के बीच हुए घटनाक्रम में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की भूमिका पर कुछ मछुआरों ने सवाल उठाए हैं। डैम पर मत्स्याखेट करने वाली मछुआरों की समिति के अध्यक्ष मुन्नालाल, सदस्य सत्यनारायण सिलावट, रामस्वरूप ने बताया, उनकी समिति वैध और पंजीकृत है। समिति में सभी 39 सदस्य वंशानुगत मछुआरे हैं और हिंदू है। इनमें से कोई भी पदाधिकारी या सदस्य मुस्लिम नहीं है। न ही समिति में कोई मुस्लिम कर्मचारी हैं।
आयोग सदस्य ने जबर्दस्ती की, कब्जा करवा दिया समिति के संचालक मंडल ने पहले ही अन्नू माझी, नितिन अहिरवार, जगदीश अहिरवार, रंसूकुमार भूरिया, राधेश्याम मालवीय को हटा दिया था, जो आयोग के सदस्य कानूनगो की सहायता से अवैध तरीके से डैम से मछली का शिकार रहे हैं।
अध्यक्ष मुन्नालाल ने बताया कि 27 दिसंबर को कानूनगो व उनके साथियों ने समिति के पदाधिकारी और सदस्यों से अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौच की थी। उन्होंने कहा कि डैम पर हमारा कब्जा हो गया है। ऐसा कहकर समिति के गेट पर लगे ताले भी तोड़ दिए।
अध्यक्ष व सदस्यों ने शिकायत में कहा कि किसी भी मत्स्य समिति के संबंध में कोई जांच करना है तो उसके अधिकार उपायुक्त सहकारिता को ही है। मानव अधिकार आयोग के सदस्य जांच नहीं कर सकते, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में सदस्य ने समिति के ऑफिस से सामग्री निकालकर फेंक दी और दूसरों को कब्जा दे दिया।
कलेक्टर से दखल देने की मांग मछुआरों ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से मामले में दखल देने की मांग की है। कहा कि उनकी जीविका डैम से ही चलती है। यदि अगर जलाशय में हमें काम नहीं करने दिया तो परिवार के साथ आत्महत्या कर लेंगे। कलेक्टर उचित कार्रवाई करते हुए उन्हें समिति पर पुन: कब्जा दिलाए।




