भदभदा स्थित एसएएफ की 25वीं बटालियन में एएसआई अनिल नागेराव (55) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उनका शव क्वार्टर के पास बने गैराज में लटका मिला। उनकी जेब से एक सुसाइड नोट कमलानगर थाना पुलिस ने बरामद किया है। इसमें कर्ज से परेशान और मानसिक तनाव का जिक्र किया गया है। पुलिस पता लगा रही है कर्ज देने वाले एएसआई पर किसी प्रकार का दबाव बना रहे थे। शव का पीएम कराने के बाद पुलिस ने मामला जांच में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन एएसआई अनिल बाहर जाने की कहकर घर से निकले थे। कुछ देर बाद उनका बेटा गाड़ी लेने के लिए गैराज के पास गया। यहां पिता को फंदे पर लटका देख वह घबरा गया। उसकी चीख सुन आसपास रहने वाले पुलिस जवान आ गए।
थाना पुलिस की मौजूदगी में शव फंदे से उतारा गया। इससे पहले पुलिस ने घटनास्थल पर जांच की। पुलिस की शुरुआती जांच में भी सामने आया है अनिल ने कई जगह से कर्ज ले रखा था। डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने बताया सुसाइड नोट में कर्ज से परेशान होने का जिक्र है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
छत पर मिला शव
सतपुड़ा भवन की ड्यूटी में तैनात जवान की मौत
सतपुड़ा भवन की सुरक्षा में तैनात जवान राम सिंह बिष्ट (52) की मौत हो गई। उनका शव भवन परिसर में बने बैरक की छत पर मिला। उस समय वह छत पर कपड़े डालने गए थे। कुछ देर बाद साथी जवान छत पर पहुंचा, तब मौत का पता चला। मौत की वजह बीमारी मानी जा रही है।
पुलिस को उनके कमरे से इलाज के पर्चे मिले हैं। इससे पता चला है चार दिन पहले उनका ब्लड प्रेशर 280 था, जो काफी ज्यादा होता है। एक पर्चे में दिमाग में खून का थक्का जमने का जिक्र भी है। अब पुलिस को पीएम रिपोर्ट का इंतजार है।
अरेरा हिल्स थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि मूलत: उत्तराखंड निवासी राम सिंह उज्जैन स्थित एसएएफ की 32वीं में बटालियन में पदस्थ थे। 3 महीने पहले ही उनकी ड्यूटी सतपुड़ा भवन की सुरक्षा में लगाई गई थी। जांच में पता चला है करीब 9 दिन की छुट्टी पूरी कर 24 नवंबर को राम सिंह ड्यूटी पर लौटे थे। उनके बीमार होने की बात सामने आई है। शनिवार दोपहर भोपाल आया उनका बेटा पीएम कराने के बाद शव लेकर रवाना हो गया।




