मुरैना में लव जिहाद का मामला सामने आया है। शहर के जीवाजीगंज इलाके में ‘अभी इंसानियत’ नाम से कोचिंग सेंटर चलाने वाले असलम खान को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि असलम खान हिंदू नाम ‘अभी’ बताकर छात्राओं को बहला-फुसलाता था और कोचिंग सेंटर में लगे हिडन कैमरे से उनकी अश्लील हरकतें रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करता था।
जानकारी के मुताबिक, असलम खान पिछले ढाई साल से कंप्यूटर कोचिंग चला रहा था। इस दौरान वह छात्राओं को अकेले कमरे में बुलाकर उनके साथ आपत्तिजनक हरकतें करता था। छात्राओं के विरोध करने या किसी को बताने की आशंका होने पर वह उन्हें रिकॉर्ड किए गए वीडियो दिखाकर धमकाता था।

हिंदू जागरण मंच ने कोचिंग संचालक को पकड़ा इस घिनौनी करतूत की जानकारी हिंदू जागरण मंच के प्रभारी देवेंद्र मुदगल को मिली। उन्होंने फौरन मौके पर पहुंचकर असलम खान को पकड़ा और उसे कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

आरोपी ने मकान मालिक से भी पहचान छुपाई थी जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने अपनी पहचान एक हिंदू युवक की बना रखी थी। जिस मकान में कोचिंग चलाता था उसके मालिक को भी उसने अपनी असली पहचान नहीं बताई थी। उसने अपनी कोचिंग के अंदर भगवान शंकर की तस्वीर लगा रखी थी, ताकि लोग यह समझें कि वह हिंदू है।

आरोपी के मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो मिले फिलहाल, कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। पुलिस को आरोपी असलम खान के मोबाइल से कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। वीडियो में वह छात्रा के साथ लाइब्रेरी में अश्लील हरकत करते दिख रहा है।
सेंटर में कई हिंदू संगठनों के प्रमाण पत्र मिले सीएसपी दीपाली चंदौरिया ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता की ओर से कोतवाली थाना क्षेत्र में सूचना दी गई थी।
बताया गया कि गंज एरिया में एक कोचिंग सेंटर है। वहां पर हिडन कैमरे लगे हुए हैं। छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें की जाती हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद आरोपी संचालक को पकड़ लिया गया है और जांच कर रहे हैं।
सीएसपी के मुताबिक कोचिंग के अंदर जाकर देखा तो कई हिंदू संगठनों के प्रमाण पत्र मिले हैं। जिसमें संचालक का नाम असलम न होकर अभी लिखा हुआ था।
सीएसपी के मुताबिक कोचिंग के अंदर जाकर देखा तो कई हिंदू संगठनों के प्रमाण पत्र मिले हैं। जिसमें संचालक का नाम असलम न होकर अभी लिखा हुआ था। यहां तक की कलेक्टर मुरैना की ओर से दिए गए एक प्रमाण पत्र में भी अभी नाम लिखा हुआ है।




