भोपाल: शहर में मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर 35 खाद्य कारोबारियों के खिलाफ अपर कलेक्टर (एडीएम) कोर्ट में मुकदमे चलाए जाएंगे। इन मामलों में रेस्टोरेंट, डेयरी, किराना दुकानें और अस्पतालों की कैंटीन शामिल हैं। जांच के दौरान घी, सोयाबीन तेल, पनीर और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने फेल पाए गए हैं, जो अवमानक और मिथ्या छाप श्रेणी में मिले हैं। सोयाबीन तेल से जुड़े दो मामलों में प्रतिबंध नियमों के उल्लंघन के तथ्य भी सामने आए हैं।
इसी कड़ी में मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवारा बाजार क्षेत्र में निरीक्षण किया। जैन भवन स्थित यूनिवर्सल ट्रांसपोर्ट के जरिए भोपाल, सीहोर, इंदौर और अन्य शहरों में रोजाना पैक्ड खाद्य सामग्री भेजी जाती है, लेकिन जांच के दौरान मैनेजर वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस पेश नहीं कर सका। इस मामले में पंचनामा बनाकर एडीएम कोर्ट में प्रकरण पेश करने की तैयारी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इसके संचालन से जुड़े लोगों में संतोष आर्या (मैनेजर) और श्रीकांत दीक्षित (मालिक, निवासी इंदौर) का नाम सामने आया है, जिसका सत्यापन किया जा रहा है।
इसके अलावा मंगलवारा बाजार स्थित बत्रा स्टोर से भी टीम ने पापड़ और अचार के नमूने लेकर गुणवत्ता जांच के लिए लैब भेज दिए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और विभाग की यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।




