प्रदेश के सांसदों और विधायकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के निराकरण के लिए विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट शुरू की गई हैं। इन कोर्ट को शुरू करने का मकसद सांसदों और विधायकों के प्रकरणों में जल्द से जल्द सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाना है। भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में 12 और जेएमएफसी कोर्ट में 27 मामले विचाराधीन हैं।राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, विधायक सुखदेव पांसे और विपिन वानखेड़े के खिलाफ मामलों में सुनवाई जारी है। एमपी-एमएलए के विशेष न्यायाधीश प्रवेंद्र सिंह की कोर्ट में मामलों की पैरवी विशेष लोक अभियोजक कमल वर्मा द्वारा की जा रही है। कोर्ट में 280 मामले पेंडिंग थे। जिसमें लगभग 150 मामले केवल भाजपा विधायक सुरेंद्र पटवा के खिलाफ चेक बाउंस के थे।शेष 130 मामलों में सांसद और विधायक धोखाधड़ी, हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, बलवा आदि के आरोपी हैं। कोर्ट में कामकाज का दबाव बढ़ने के कारण पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट शुरू की गई हैं।




