पश्चिमी विक्षोभ के असर से हवाओं के साथ नमी आने से मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर आंशिक बादल तो बने हैं, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण बारिश की संभावना कम हो गई है। मौसम विज्ञानियों के आकलन के मुताबिक शनिवार को प्रदेाश् के बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी एवं बालाघाट जिलों में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। उधर शुक्रवार को मध्य प्रदेश में सबसे कम सात डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव, रीवा में दर्ज किया गया। इससे लोग ठंड से परेशान रहे।
कमजोर आवृत्ति वाला पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में पाकिस्तान और उससे लगे पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक कमजोर आवृत्ति वाला पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश के भोपाल, होशंगाबाद, जबलपुर, रीवा, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं आंशिक बादल छा रहे हैं। साथ ही हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
वातावरण में हल्की ठंडक भी बरकरार
मौसम विज्ञानी के अनुसार उधर निचले स्तर पर हवा का रुख उत्तरी बना रहने से वातावरण में हल्की ठंडक भी बरकरार है। उधर शुक्रवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 29 डिग्रीसे. दर्ज किया गया। जो सामान्य रहा।इसके साथ ही गुरुवार के अधिकतम तापमान 27.7 डिग्रीसे. की तुलना में 1.3 डिग्रीसे. अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्रीसे. रिकार्ड किया गया। जो सामान्य तापमान रहा।
शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होने की संभावना
साथ ही गुरुवार के न्यूनतम तापमान 12 डिग्रीसे. के मुकाबले 1.4 डिग्रीसे. अधिक रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होने की संभावना है। इससे हवाओं के रुख में फिर बदलाव होने से रात के तापमान में धीरे-धीरे फिर गिरावट होने लगेगी।




