ब्राह्मणों की बेटियों को लेकर विवादित बयान देने वाले अजाक्स के नव निर्वाचित अध्यक्ष और आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ अब भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर लिखित शिकायत की। इसमें उन्होंने वर्मा द्वारा सार्वजनिक मंच पर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर संज्ञान लेने और दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की।
सांसद शर्मा ने कहा कि यह मामला आईएएस सेवा नियमों के खिलाफ है और ऐसे बयान से संवैधानिक मूल्यों तथा सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचता है।
रीवा सांसद पहले कर चुके हैं शिकायत
इससे पहले रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने भी केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर वर्मा के चयन और प्रमाणीकरण को चुनौती दी थी। मिश्रा ने कहा कि वर्मा का चयन अनुसूचित जाति की जगह अनुसूचित जनजाति वर्ग में हुआ था, जो नियमों के खिलाफ था। वर्ष 2021 में अदालत ने वर्मा के चयन को गलत ठहराया था और न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें पद और वेतन लाभ से वंचित किया जाना चाहिए था।

वर्मा को कारावास भी हुआ
सांसद मिश्रा ने पत्र में यह भी लिखा कि वर्मा का नाम पहले अदालत की अवमानना, अमर्यादित भाषा और सरकारी कार्य में बाधा जैसे मामलों में भी आया है, जिनके चलते उन्हें कारावास की सजा भी भुगतनी पड़ी। मिश्रा ने कहा कि वर्मा का बयान न सिर्फ एक वर्ग के प्रति अपमानजनक है, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के सिद्धांत का उल्लंघन भी करता है।
वर्मा की टिप्पणी प्रशासनिक नैतिकता के खिलाफ
सांसदों का यह भी कहना है कि वर्मा ऐसे समय में विवादित और विभाजनकारी बयान दे रहे हैं, जब केंद्र सरकार जातीय कल्याण और सामाजिक समरसता पर आधारित योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। यह टिप्पणी सरकार के सकारात्मक अभियानों को बदनाम करने वाली है और प्रशासनिक नैतिकता के खिलाफ है।
सांसद ने चयन की जांच कराने की मांग की
28 नवंबर 2025 को लिखे पत्र में सांसद मिश्रा ने तीन बड़ी मांगें की हैं-
- विवादित टिप्पणी के लिए IAS संतोष वर्मा के खिलाफ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आचरण) नियम, 1968 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
- अनुसूचित जाति के स्थान पर अनुसूचित जनजाति के माध्यम से हुए चयन की जांच कराई जाए।
- अदालत द्वारा पूर्व में दोषी ठहराए जाने और चयन प्रक्रिया में आई खामियों को ध्यान में रखते हुए वर्मा की पदोन्नति की समीक्षा कराई जाए।




