तेज बारिश का दौर थमते ही राजधानी भोपाल की सड़कों पर पीडब्ल्यूडी ने पेंचवर्क शुरू कराया है। बुधवार को लिंक रोड नंबर-3 की मरम्मत कराई गई। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने बताया व्हाइट टॉपिंग टेक्निक से बारिश के दौरान भी मरम्मत कराई थी। तब फौरी राहत दी थी। अब स्थायी मरम्मत करेंगे।
पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, ईएनसी केपीएस राणा, चीफ इंजीनियर मस्के, अधीक्षण यंत्री हरिशंकर जायसवाल और मयंक शुक्ला की मौजूदगी में पेंचवर्क की शुरुआत की गई। करीब एक घंटे तक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने अपने सामने ही सड़क की मरम्मत कराई।
दो से तीन दिन में प्लांट भी शुरू हो जाएगा चीफ इंजीनियर मस्के ने बताया कि बारिश के दौरान व्हाइट टॉपिंग टेक्निक से सड़कों की मरम्मत कराई गई थी। कुल 180 किलोमीटर सड़कें सुधारी गई थीं। इस वजह से लोगों को गड्ढों से राहत मिली। अब बारिश थमने के बाद पेंचवर्क करा रहे हैं। जिन सड़कों की परतें उखड़ी हैं, उन्हें ठीक करवाया जा रहा है। दो से तीन दिन में प्लांट भी शुरू हो जाएंगे। इससे पीडब्ल्यूडी की सभी सड़कें ठीक हो जाएंगी।

व्हाइट टॉपिंग से भी बड़ी राहत मिली बता दें कि इस बार बारिश में ही पीडब्ल्यूडी ने करीब 180 किलोमीटर लंबी सड़कों के गड्ढों को भर दिया था। लिंक रोड नंबर-1, 2 समेत 10 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर व्हाइट टॉपिंग टेक्निक इस्तेमाल की गई। वहीं, पीडब्ल्यूडी की कुल 30 सड़कें ऐसी हैं, जहां पर जलभराव होता है। इन पर 6 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कुल 92.05 किमी में से 7.70 किमी हिस्से पर जलभराव होता है। इसी हिस्से में सीमेंट कांक्रीट का प्लान है।
हालांकि, अंदरूनी सड़कों की तस्वीर ठीक नहीं है। खासकर कॉलोनियों की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। इस वजह से लाखों की आबादी हर रोज परेशान हो रही है। पुराने शहर के ऐशबाग, अशोका गार्डन, पुल बोगदा, बरखेड़ी, शिवनगर, करोंद समेत रायसेन रोड, रत्नागिरी, सोनागिरी, आनंद नगर, पटेल नगर, दानिशकुंज, बावड़ियाकलां, बाग सेवनिया, बाग मुगालिया समेत कई जगहों पर सड़कें जर्जर हैं।




