भोपाल की फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) के वैज्ञानिक पंकज मोहन (51), जो पिछले 4 दिन से लापता थे। 23 जनवरी को उज्जैन पहुंच गए थे। रविवार को भोपाल लौटने पर पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए।
पंकज मोहन ने पुलिस को बताया कि, उन्होंने 19 जनवरी को मथुरा पहुंचने पर अपनी पत्नी से आखिरी बार फोन पर बात की थी। यह रात का समय था। इसके बाद वह सो गए। अगली सुबह, 20 जनवरी को दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन पर ट्रेन स्टाफ ने उन्हें उठाया। उन्होंने चेक किया तो पाया कि उनका बैग, जिसमें इंटरव्यू की फाइल और दस्तावेज थे, साथ ही पर्स और मोबाइल फोन चोरी हो चुके थे।
हालांकि मैंने एटीएम कार्ड को अलग पैंट की जेब में रख लिया था। बाहर निकलने के बाद एसबीआई के एक एटीएम से 10,000 रुपए निकाले और इस रकम से एक होटल में रूम बुक किया। लेकिन, दस्तावेज न होने के कारण विभागीय इंटरव्यू में शामिल नहीं हो सका।
लौटने के लिए ट्रेन में रिजर्वेशन कराने की कोशिश की, लेकिन सीट उपलब्ध नहीं हो पाई, जिसकी वजह से मुझे दो दिन तक दिल्ली में रुकना पड़ा। मुझे अपने किसी भी परिजन का मोबाइल नंबर याद नहीं था, इस कारण मैं किसी को जानकारी नहीं दे सका।
सामान चोरी होने की सूचना मैंने जीआरपी या लोकल पुलिस को नहीं दी। 22 जनवरी को ट्रेन से उज्जैन पहुंचा, जहां मुझे परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद मैंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस के निर्देश पर भोपाल पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए।
पंकज ने जहरखुरानी से किया इनकार
पुलिस का अनुमान है कि, ट्रेन में पंकज मोहन को चोरों ने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया, जिससे उनकी गहरी नींद लग गई और चोर उनका सामान लेकर फरार हो गए। हालांकि, पंकज मोहन ने जहरखुरानी की संभावना से साफ इनकार किया है।
शादी में शामिल होने उज्जैन गए थे
पंकज मोहन ने बताया कि, वह साले के बेटे की शादी में शामिल होने उज्जैन गए थे। विभागीय इंटरव्यू का कॉल आने पर उन्हें अचानक दिल्ली के लिए जाना पड़ा। 17 जनवरी को उज्जैन से भोपाल लौटे, यहां जरूरी सामान, दस्तावेज और बैग लेकर दिल्ली के लिए 18 जनवरी की रात को रवाना हुए।
पुलिस के मुताबिक, पंकज मोहन भोपाल के कोलार इलाके में रहते हैं। 22 जनवरी को परिजन ने उनकी गुमशुदगी कोलार थाने में दर्ज कराई थी। वैज्ञानिक की तलाश में पुलिस की एक टीम दिल्ली रवाना हुई थी। दिल्ली के एक स्टेशन पर उनकी लास्ट लोकेशन ट्रेस की गई थी। इसके बाद से ही उनका मोबाइल लगातार बंद आ रहा था।
19 जनवरी को होना था विभागीय इंटरव्यू
पंकज मोहन कोलार थाना क्षेत्र स्थित राजस्व कॉलोनी में रहते हैं। 19 जनवरी को दिल्ली में उनका विभागीय इंटरव्यू होना था। जिसके लिए 18 जनवरी की शाम वे गोवा एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हुए थे, लेकिन अगले दिन वे इंटरव्यू देने नहीं पहुंचे। उसके बाद से उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी।
परिजन और साथियों ने लगातार उनसे कॉल पर संपर्क करना चाहा लेकिन फोन नहीं हुआ। तब पुलिस को सूचना दी गई।
ATM से ट्रांजेक्शन करते CCTV फुटेज सामने आए थे
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि पंकज ने दिल्ली में एक रेलवे स्टेशन के एटीएम बूथ से ट्रांजेक्शन किया था। इसके बाद कोलार थाने के एसआई संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक मोहम्मद अहमद और आरक्षक कंचन यादव दिल्ली पहुंचे थे।




