भोपाल: राज्य शासन ने भोपाल नगर निगम में जूनियर अधिकारी को सीनियर अधिकारी के अधीन पदस्थ करने की प्रशासनिक भूल को सुधार लिया है। नए नगर निगम कमिश्नर के कार्यभार संभालने के बाद सरकार ने बुधवार को तीन आईएएस अधिकारियों के तबादले का संशोधित आदेश जारी कर दिया, जिससे वरिष्ठता से जुड़ा यह विवाद खत्म हो गया है।
तीन दिन पहले जारी हुए प्रशासनिक आदेश में जबलपुर के नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार को भोपाल नगर निगम का नया कमिश्नर बनाया गया था। लेकिन तकनीकी पेंच यह था कि भोपाल में ही पदस्थ अपर आयुक्त अक्षय तेम्रवाल, रामप्रकाश अहिरवार से वरिष्ठ (सीनियर) थे। अक्षय तेम्रवाल 2018 बैच के आईएएस अधिकारी हैं जिनकी वरिष्ठता सूची में क्रमांक 296 है, जबकि रामप्रकाश अहिरवार इसी बैच में 299वें क्रमांक पर हैं और उनसे जूनियर हैं। इस स्थिति के सामने आने के बाद शासन स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था।
चार दिन के अवकाश के बाद बुधवार को जैसे ही पहले कार्यदिवस पर नए कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने पदभार ग्रहण किया, उसके तुरंत बाद शासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए नया आदेश जारी कर दिया। नए आदेश के तहत अपर आयुक्त अक्षय तेम्रवाल का भोपाल नगर निगम से तबादला कर उन्हें अपर आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास संचालनालय में पदस्थ कर दिया गया है।
इस फेरबदल के तहत शासन ने दो अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। अक्षय तेम्रवाल की जगह 2020 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक सराफ को भोपाल नगर निगम का नया अपर आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा, भोपाल के अपर कलेक्टर सुमित कुमार पांडेय को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) स्मार्ट सिटी भोपाल के साथ-साथ नगर निगम के अपर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
इस त्वरित प्रशासनिक संशोधन से स्पष्ट हो गया है कि शासन ने पदानुक्रम और वरिष्ठता के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए इस पेचीदनी को समय रहते सुलझा लिया है।




