एमपी के किसान सोयाबीन के दाम 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कांग्रेस उनके समर्थन में जिलों में किसान सम्मेलन कर रही है। मंदसौर से किसान न्याय यात्रा निकाल रही है। इस बीच डॉ. मोहन सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4892 रुपए प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।
देर रात एमपी के कृषि सचिव एम सेल्वेंद्रन का एक पत्र सामने आया जिसमे PSS स्कीम से सोयाबीन खरीदी की बात कही गई। विभागीय आदेश के साथ सोयाबीन खरीदी का कैलेंडर भी जारी किया गया है। कैबिनेट ब्रीफिंग में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोयाबीन की MSP 4800 करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की बात कही थी।
लेकिन कृषि विभाग के अफसरों ने बताया कि MSP 4892 करने का प्रस्ताव केंद्र को भेज गया है हाल ही में केंद्र सरकार ने इसी स्कीम से महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में सोयाबीन खरीदी को मंजूरी दी है। अब प्रदेश सरकार को केंद्र से मंजूरी मिलने का इंतजार है।
शिवराज ने कहा था- एमपी डिमांड करेगा तो परमिशन देंगे
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज (मंगलवार) सुबह भोपाल में कहा था कि एमपी सरकार जैसी डिमांड करेगी, वैसे ही केंद्र सरकार सोयाबीन की खरीदी कराएगी। नरेंद्र मोदी किसान हितैषी प्रधानमंत्री हैं। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4 हजार 994 रुपए प्रति क्विंटल तय है। हमारी प्रतिबद्धता है कि किसानों का सोयाबीन एमएसपी पर खरीदेंगे। शिवराज के इस बयान के 5 घंटे बाद हुई डॉ. मोहन कैबिनेट की मीटिंग में सोयाबीन के दाम 4892 रुपए करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मंजूरी दे दी गई।