भोपाल
विदिशा जिले के सिरोंज में हुए चर्चित 30.18 करोड़ रुपए के विवाह सहायता फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। भोपाल की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 9 सितंबर तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है।
फर्जीवाड़े की मुख्य बातें
- घोटाले की राशि: साल 2019 से 2021 के बीच 5,923 फर्जी शादियां दिखाकर 30.18 करोड़ रुपए बांटे गए। प्रति हितग्राही 51 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी।
- दलालों का नेटवर्क: सीईओ ने अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड दलालों व कंप्यूटर ऑपरेटरों को दे रखे थे। इसमें टेलर, फेरी वाले और कियोस्क संचालक तक शामिल थे।
- फर्जी सील और दस्तावेज: सरपंच-सचिव की नकली सील और वर्षों पहले ब्याही महिलाओं के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी फाइलें तैयार की गईं।
कार्रवाई और जांच
यह मामला सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने विधानसभा में उठाया था, जिसके बाद तत्कालीन अध्यक्ष के आदेश और मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीईओ को निलंबित किया गया था। भोपाल ईओडब्ल्यू की एफआईआर के आधार पर ईडी अब मनी लॉन्ड्रिंग और पैसों के लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।




