भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में शुक्रवार शाम कमला देवी अस्पताल के पास काम से लौट रहे मेडिकल स्टोर कर्मचारी से लूट की शिकायत सामने आई थी। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि दो युवकों ने उसका मोबाइल फोन और नकदी लूट ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और शनिवार दोपहर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में लूट की वारदात झूठी निकली।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि फरियादी से उनका लेन-देन का विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते उसने झूठी शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस आरोपियों के बयानों की तस्दीक कर रही है। नाबालिग आरोपी को नोटिस देकर छोड़ दिया गया है, जबकि दूसरे युवक से पूछताछ जारी है।
मोबाइल में थे ढाई सौ रुपए नकद
पुलिस के अनुसार, संजय नगर निवासी हेमंत विछेले (28) कमला देवी अस्पताल के पास एक दवा दुकान में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करता है। 16 मई की शाम करीब 6 बजे वह ड्यूटी खत्म कर पैदल अपने घर लौट रहा था। तभी कमला देवी अस्पताल के सामने वाली गली के ऊपर उसे दो युवक—पवन सतनामी और एक नाबालिग—मिले। फरियादी का आरोप था कि दोनों ने उसे डराकर उसकी जेब से मोबाइल फोन छीन लिया।
हेमंत ने बताया कि मोबाइल के कवर में ढाई सौ रुपए नकद भी रखे थे। शोर मचाने पर आसपास के लोगों से मदद मांगी, लेकिन तब तक आरोपी मौके से पैदल ही फरार हो गए। इसके बाद वह घर पहुंचा और परिजनों को जानकारी देने के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
नामजद आरोपियों पर दर्ज हुआ था मामला
शाहजहांनाबाद पुलिस ने हेमंत की शिकायत पर पवन सतनामी और एक नाबालिग के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। फरियादी ने मोबाइल की कीमत करीब 25 हजार रुपए बताई थी। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने देर रात इलाके में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में उजागर हुआ साजिश का एंगल
शनिवार दोपहर दोनों आरोपियों से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने लूट की घटना से इनकार किया। दोनों ने बताया कि फरियादी से उनका पैसों का लेन-देन था और विवाद भी चल रहा था। इसी के चलते उसने साजिशन उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा दिया। पुलिस अब फरियादी के दावों और आरोपियों के बयानों की पुष्टि कर रही है।




