मप्र में लगातार बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। नाबालिग बेटियों के साथ लगातार बढ़ती रेप की घटनाओं को लेकर पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक ऊषा ठाकुर कहा-मेरी प्रार्थना है कि ऐसी छोटी बेटियों के रेपिस्टों को सार्वजनिक चौराहा पर फांसी पर लटकाया जाए और उनका अंतिम संस्कार भी नहीं किया जाए। चील-कौवे उन्हें नोच- नोच कर खाएं। जब ऐसी सजा पाते हुए दूसरे लोग देखेंगें तो छोटी बेटियों की तरफ यह हाथ बढ़ाने की हिम्मत भी नहीं कर पाएंगे।रेप की घटनाओं से मनुष्यता तार-तार हो रहीभोपाल में अपने आवास पर मीडिया से चर्चा में विधायक उषा ठाकुर ने कहा जो छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ गई है। इसको समाज का नैतिक उत्थान ही रोक सकता है। जब तक संस्कार का दृढ़ीकरण नहीं होगा, व्यक्ति में नैतिकता और सात्विकता नहीं होगी। तब तक इन बुराइयों से वह बच नहीं सकता। और कहीं ना कहीं समझ में भौतिकता के आधिक्य के कारण जो अध्यात्म की साधना की कमी आई है उसी की वजह से लोगों में यह दुष्वृत्तियां और दुश्विचार बहुत प्रबल होकर सामने दिखाई दे रहे हैं। इससे सामाजिक ताना-बाना मनुष्यता सब तार – तार हो रही है।एमपी में फांसी का कानून फिर भी नहीं डर रहे नरपिशाचविधायक ऊषा ठाकुर ने कहा- ऐसे नर पिशाचों के लिए मैं बार-बार मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री दोनों से अनुरोध करती हूं कि कठोर कानून तो मध्य प्रदेश ने बना दिया है, इसमें यह प्रावधान है कि फास्ट ट्रैक में मुकदमे चलाकर 30 दिनों में इनको फांसी की सजा दी जाएगी। इसके बावजूद यह डर नहीं रहे हैं तो सिर्फ कानून का भय इनकी दुष्वृत्तियां को उखाड़ कर नहीं फेंक सकता। मुझे लगता है कि दंडात्मक प्रक्रिया में कुछ और सुझाव करने होंगे।अपराधी को चौराहे पर फांसी पर लटकाया जाएऊषा ठाकुर ने कहा- आदमी एकांत में अपराध करता है उसकी सजा भी जेल के अंदर एकांत में दी जाती है कि उसको फांसी हो गई। मेरी प्रार्थना है कि ऐसी छोटी बेटियों के दुष्कर्मियों को सार्वजनिक चौराहों पर फांसी पर लटकाया जाए और उनका अंतिम संस्कार भी नहीं किया जाए। चील-कौवे उन्हें नोच- नोच कर खाएं। जब ऐसी सजा पाते हुए दूसरे लोग देखेंगें तो कोई भी बेटियों की तरफ हाथ बढ़ाने की हिम्मत नहीं कर पाएंगे। यह मेरी मान्यता है। अगर ऐसे लोगों को हाथ- पांव काटकर फेंका तो ऐसे नर पिशाचों को कौन पानी पिलायेगा?, कौन रोटी खिलाएगा?, जब तड़प – तड़प कर प्राण गंवाएंगे तब उनको अपनी गलती का प्रायश्चित होगा।




