राजधानी भोपाल में छेड़खानी के मामले में एक युवती द्वारा शिकायत किए जाने के उपरांत वहां पर हुए काफी उत्पात के बाद आरोपितों द्वारा वहां से भाग निकलने के मामले में भोपाल पुलिस द्वारा समूचे प्रदेश में दी गई सूचना के आधार पर दमोह पुलिस द्वारा घेराबंदी करते हुए दो आरोपितों को काली स्कार्पियो वाहन में गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। दमोह देहात थाना टीआइ विजय सिंह राजपूत ने बताया कि सोमवार की दोपहर 3 बजे भोपाल से मैसेज द्वारा समूचे प्रदेश में सूचना दी गई कि भोपाल के बागसेवनिया पुलिस थाने में एक युवती के साथ छेड़छाड़ होने पर वह शिकायत करने पहुंची थी लेकिन उसी बीच दोनों आरोपितों से किसी बात पर विवाद होने पर वहां के लोग स्थानीय लोगों द्वारा उत्पात मचाए जाने के उपरांत दोनों आरोपित काले रंग की स्कार्पियो गाड़ी एमपी 17 सी ए 0520 से भाग निकले जिन्हें पुलिस द्वारा पकड़ने के काफी प्रयास किए गए लेकिन भोपाल पुलिस जब उन्हें नहीं पकड़ पाई तो भोपाल कंट्रोल रूम द्वारा समूचे प्रदेश में सूचना दिए जाने के उपरांत दमोह पुलिस भी सागर नाका टोल पर सक्रिय हो गई, लेकिन उक्त दोनों युबक टोल को तोड़ते हुए ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस के भय के कारण घुस गए लेकिन एक खेत में पहुंचने के उपरांत उनकी गाड़ी बंद हो गई वहां ग्रामीणों द्वारा उन्हें घेर लिया गया लेकिन इसी दौरान पुलिस भी वहां पहुंच गई और पुलिस ने घेराबंदी करते हुए उक्त दोनों आरोपितों को गाड़ी सहित गिरफ्तार कर लिया।
देसी पिस्टल भी बरामद : उन्होंने बताया कि उक्त दोनों आरोपित यश द्विवेदी शांति विहार कालोनी एवं अभिषेक सिंह निवासी सतना को गिरफ्तार किया है जिसमें यश द्विवेदी के पास से एक देसी पिस्टल कारतूस सहित भी जब्त की गई है। अभी श्री राजपूत ने यह भी बताया कि भोपाल पुलिस की जानकारी के अनुसार उनके द्वारा घटना के उपरांत स्थानीय लोगों द्वारा उत्पात मचाए जाने के दौरान हवाई फायर भी किए हैं और हवाई फायर करने के उपरांत भाग निकले पुलिस समूचे मामले की पूछताछ कर जांच कर रही है तथा दोनों आरोपितों के गिरफ्तारी की सूचना भोपाल पुलिस को भी दे दी गई है। बताया गया है कि यश द्विवेदी के पिता राजेश द्विवेदी भाजपा नेता एवं योजना मंडल के सदस्य भी हैं। इस कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी, दमोह देहात थाना टीआइ विजय सिंह राजपूत, सागर नाका चौकी प्रभारी गरिमा मिश्रा, जबलपुर नाका चौकी प्रभारी राम बिहारी पांडे सायबर सेल प्रभारी रमाशंकर मिश्रा, अजित दुबे, राकेश अठिया, सौरभ टंडन सहित अन्य पुलिस बल की सक्रिय भूमिका रही।




