एकतरफा प्रेम करता था, शादी से इंकार करने पर एसिड फेंका, 6 साल चली कोर्ट में सुनवाई
अरेरा कॉलोनी ई-4 में महिला लेक्चरर पर एसिड फेंकने वाले आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों को 3-3 लाख रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थडंड की राशि पीड़िता को दी जाएगी। संभवत: भोपाल में एसिड पीड़िता के आरोपियों पर इतना बड़ा अर्थदंड पहली बार लगाया गया है। मुख्य आरोपी पीड़िता का जीजा है। जो युवती से एकतरफा प्रेम करता था। शादी से इंकार करने पर उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर साली पर एसिड से हमला कर दिया था। युवती गंभीर रूप से घुलस गई थी। पुलिस ने आरोपियों को डोंगरगढ़, छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया था। पीड़िता को देखने सीएम भी पहुंचे थे।ई-4 अरेरा कॉलानी में 18 जून 2016 की सुबह करीब पौने 9 बजे अज्ञात बाइक सवारों ने निजी पॉलीटेक्निक कॉलेज में पढ़ाने वाली 24 वर्षीय लेक्चरर पर एसिड फेंक दिया था। पुलिस को पीड़िता के मोबाइल फोन पर मिले अंतिम कॉल से त्रिलोक चंद नामदेव का सुराग मिला था। पुलिस को जानकारी लगी कि त्रिलोक चंद डोंगरगढ़ का रहने वाला है। वह युवती का जीजा है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए डोंगरगढ़ पहुंची। वह भोपाल से जैसे ही घर पहुंचा। पुलिस ने उसे दबोच लिया। त्रिलोक ने पूछताछ में बताया था कि वह साली से प्यार करता है। उससे शादी करना चाहता था, लेकिन वह इनकार कर रही थी। इसलिए उसने दोस्त शुभम तिवारी (21) के साथ मिलकर उस पर बैटरी में उपयोग होने वाला एसिड फेंक दिया।650 किमी दूर से बाइक से पहुंचेत्रिलोक साली पर हमला करने के लिए डोंगरगढ़ से अपने साथी के साथ बाइक से भोपाल पहुंचा था। साली कॉलेज जाने के लिए निकली थी इसी बीच रास्ते में उसे रोककर दोनों ने उस पर एसिड फेंक दिया। युवती गंभीर रूप से झुलस गई। इसके बाद आरोपी बाइक से इटारसी पहुंचे और ट्रेन में बाइक बुककर डोंगरगढ़ रवाना हो गए। त्रिलोक दो बच्चों का पिता है। एकतरफा प्यार में डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) से करीब 650 किमी का सफर बाइक से तय कर भोपाल आया था।




