शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफे का लालच देकर एक फैक्टरी के प्रोडक्शन ऑफिसर के साथ जालसाजों ने 50 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। जालसाजों ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल करके वेरगर ए प में जोड़ा। मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 50 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
जब उनके खाते में तीन करोड़ रुपए बैलेंस दिखा, तो उन्होंने राशि निकालनी चाही। उनसे 37 लाख रुपए टैक्स जमा करने को कहा गया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मोबाइल नंबर और बैंक खाता धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
वेरगर नामक एप में दिखाया मुनाफा
बाग सेवनिया पुलिस के मुताबिक, उमेश ठाकरे मंडीदीप स्थित एक फैक्टरी में वर्ष 2003 से प्रोडक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। उनके मोबाइल पर 1 अगस्त 2025 को व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि वह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के माध्यम से ट्रेडिंग कराते हैं।
इसके बाद जालसाज ने वेरगर नामक ऐप में खाता खुलवाया, जिसमें काफी मुनाफा दिखाया गया था। इसके बाद जालसाज ने अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग राशि जमा कराई।
ठाकरे के खाते में दिखाए 3 करोड़ रुपए वेरगर एप में खुले ठाकरे के खाते में लगभग 3 करोड़ रुपए दिखाए गए। ठाकरे ने जब अपनी राशि निकालनी चाही, तो उनसे कहा गया कि निकासी से पहले 37 लाख रुपए टैक्स जमा करना होगा।
7.5 करोड़ रुपए जुर्माने का दिया झांसा जालसाजों ने उन्हें धमकाया कि टैक्स की राशि जमा नहीं की गई, तो 7.5 करोड़ का जुर्माना लगाया जाएगा। ठगी का अहसास हुआ, तो बाग सेवनिया थाने में शिकायत की।




