रविवार सुबह इंदौर में राहुल गांधी नए अंदाज में दिखे। उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के बीच ही सड़क पर बुलेट दौड़ा दी। उनकी बुलेट के पीछे पूरी कांग्रेस दौड़ पड़ी। आखिरकार इस बुलेट की एंट्री इस यात्रा में हुई कैसे और इसके पीछे जो लकड़ी का बेड है, वो किसके लिए है? इसकी कहानी आपको गुदगुदा देगी। आपको बताते हैं बुलेटवाले और उसकी ‘बेटी’ की कहानी…
ये बुलेट है ग्वालियर के रजत पाराशर की। रजत पेशे से इंजीनियर हैं और हाल ही में जॉब को अलविदा कर दिया है। वे चार दिन पहले इस यात्रा से जुड़े हैं। इसके लिए उन्होंने ग्वालियर से बुरहानपुर तक का सफर 21 घंटे में बुलेट से तय किया था।
उनके पीछे थी उनकी बेटी ‘माउल’। दरअसल, ‘माउल’ इंसान नहीं, बल्कि उनकी डॉगी का नाम है। राहुल गांधी की यात्रा में वो भी पिछले पांच दिन से बुलेट पर रजत के साथ पीछे बैठकर चल रही है।




