देवास के सोनकच्छ तहसीलदार व शिक्षक को शुक्रवार शाम उज्जैन लोकायुक्त टीम ने 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। शिक्षक तहसील कार्यालय में अटैच है। प्लॉट के नामांतरण के बदले तहसीलदार के अधीनस्थ स्टाफ ने रिश्वत की मांग की थी।
दरअसल, कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रवींद्र दांगिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। दांगिया ने लोकायुक्त को बताया था कि सोनकच्छ के पास ग्राम सांवेर स्थित एक प्लॉट के नामांतरण के लिए तहसीलदार के अधीनस्थ स्टाफ द्वारा सात हजार रुपए रिश्वत मांगी गई थी। लोकायुक्त ने शिकायत को सत्यापित करने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।

पहले बाबू ने ली थी रिश्वत
शुक्रवार को तहसीलदार मनीष जैन खाद वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करने वेयर हाउस गए थे। वापस आने पर फरियादी दांगिया ने बाबू जय सिंह को सात हजार रुपए दिए। बाबू ने यह राशि तहसीलदार को सौंपी, जिसके तुरंत बाद लोकायुक्त टीम ने दोनों को पकड़ लिया। बाबू जय सिंह तहसील कार्यालय में अटैच प्राथमिक शिक्षक है।
लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।




