जिला अदालत में जमानत याचिका खारिज होने के बाद पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा अब हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाने की तैयारी में है। इधर, आयकर विभाग अब तक सौरभ की लोकेशन पता नहीं कर सका है। डिपार्टमेंट लुकआउट सर्कुलर के आधार पर उसके देश से बाहर जाने या आने की स्थिति में खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिलने के भरोसे है।
बता दें कि 19 और 20 दिसम्बर की दरम्यानी रात राजधानी के मेंडोरी से जब्त किए गए 52 किलो गोल्ड और कैश के मामले में मोस्ट वांटेड सौरभ अभी भी आयकर विभाग के रडार से बाहर है। इनोवा कार के मालिक चेतन शर्मा से पूछताछ के आधार पर आयकर विभाग गोल्ड और कैश के मालिक का पता लगा चुकी है। चेतन के बयान के आधार पर आयकर विभाग ने सौरभ शर्मा की मां उमा शर्मा को बयान देने के लिए आयकर दफ्तर में तलब किया। तब उमा शर्मा अपने वकील के माध्यम से आयकर दफ्तर बयान देने पहुंची थीं। कहा जा रहा है कि उमा शर्मा ने जो भी बयान दिया है वह प्रायोजित है। उनसे रटा-रटाया बयान दिलाया जा रहा है।आयकर विभाग से भी उमा शर्मा ने कहा है कि उनका बेटा सौरभ शर्मा और बहू दिव्या तिवारी कहां हैं, यह उनको जानकारी नहीं है।
हाईकोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी में सौरभ
दूसरी ओर आयकर विभाग के अफसरों का कहना है कि सौरभ शर्मा अब आयकर विभाग, ईडी और लोकायुक्त पुलिस से बचने के लिए हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर कर सकता है। आयकर विभाग तो गिरफ्तारी नहीं करता है। लेकिन ईडी और लोकायुक्त पुलिस उसका पता लगने पर अरेस्ट कर सकते हैं। जमानत याचिका लगाकर कोर्ट के जरिए गिरफ्तारी से बचने की प्लानिंग कर रहा है। जल्दी ही उसकी याचिका हाईकोर्ट में लगने वाली है। गौरतलब है कि पिछले माह जिला अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।




