विदिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्वागत के लिए लगाए होर्डिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सीएम समर्थकों ने अहमदपुर चौराहे क्षेत्र में सीएम और पीएम मोदी की होर्डिंग्स लगाई थी। सीएम के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विदिशा पहुंचे थे, लेकिन होर्डिंग में कही भी उनकी फोटो नहीं थी।
पुलिस बुधवार को सीएम के पहुंचने से पहले इन होर्डिंग्स को लेकर यादव महासभा के अध्यक्ष जगदीश यादव और आकाश यादव को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने ले गई। पुलिस ने जगदीश यादव को डेढ़ घंटे बाद रिहा कर दिया, जबकि उनके बेटे आकाश यादव को लगभग चार घंटे तक थाने में रखा गया। इसके बाद जगदीश यादव रोड शो में भी शामिल हुए

पुलिस पर होर्डिंग फाड़ने के आरोप
यादव महासभा के अध्यक्ष जगदीश यादव ने आरोप लगाया कि उन्होंने केवल पीएम और सीएम के होर्डिंग लगाए थे, किसी अन्य नेता की तस्वीर नहीं लगाई थी इसी कारण उन्हें परेशान किया गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि,
सीएम के स्वागत के लिए पीएम और सीएम के होडिंग लगाए थे। किसी और नेता के फोटो नहीं लगाए थे, जिसके कारण पुलिस ने होडिंग फाड़ दिए। समर्थकों के साथ मारपीट की।
उन्होंने आगे कहा कि सीएम के कार्यक्रम में अड़चन डाली जा रही है। वो चाहते है कि कैसे भी सीएम यादव का कार्यक्रम फीका पड़े, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री की धाक बढ़ सके।
आकाश यादव- पुलिस हमें बेइज्जत करते हुए थाने ले गई
आकाश यादव ने बताया कि मैं अहमदपुर चौराहे पर मंच के पास में था और अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के स्वागत की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान पुलिसकर्मी आए और मंच पर लगे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की होल्डिंग्स फाड़ दिया। पुलिस हमें पड़कर रोड शो वाले रास्ते से बेइज्जत करते हुए सिविल लाइन थाने लेकर गई।
दो दिन से परेशान करने का आरोप
जगदीश यादव ने बताया कि मैंने अपने लड़के को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी थी। दो दिन से पुलिस हमें डरा रही धमका रही है कि पीएम और सीएम के फोटो मत लगाओ। पुलिस किसी विशेष व्यक्ति की फोटो की बात कर रहे हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है, हमने उन्हें खून से तोला है वह भी हमारे सम्माननीय हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन किसके कहने पर यह कर रही है हम यह जानना चाहते हैं। प्रधानमंत्री का फोटो लगाना राष्ट्र द्रोह है क्या? मुख्यमंत्री के फोटो का विरोध करना और उनके स्वागत का विरोध करना राजकीय अपराध है।
इस पूरे मामले तो लेकर पुलिस से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
विदिशा में राज्य स्तरीय प्रधानमंत्री आवास मेले को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। मेले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति प्रस्तावित है। विवाद का कारण बना यादव महासभा के अध्यक्ष जगदीश यादव और उनके पुत्र आकाश अक्कू यादव द्वारा लगाए गए होर्डिंग्स, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीरें थीं।
पुलिस ने इन होर्डिंग्स को लेकर जगदीश यादव और आकाश यादव को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने ले गई। इस कार्रवाई के विरोध में जगदीश यादव के समर्थकों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया। जगदीश यादव का आरोप है कि उन्होंने केवल पीएम और सीएम के होर्डिंग लगाए थे, किसी अन्य नेता की तस्वीर नहीं लगाई थी। उन्होंने पुलिस पर होर्डिंग फाड़ने और मारपीट का भी आरोप लगाया।
पुलिस ने जगदीश यादव को डेढ़ घंटे बाद रिहा कर दिया, जबकि उनके बेटे आकाश यादव को लगभग चार घंटे तक थाने में रखा गया। यादव का यह भी आरोप है कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को प्रभावित करने और पूर्व मुख्यमंत्री की छवि को बढ़ावा देने के लिए की गई।





