इंदौर में आवेदकों की संतुष्टि और निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ राजस्व केसों का निराकरण किया जाएगा। इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नवाचार के तहत राजस्व केसों के निराकरण के संबंध में आवेदकों से उनका फीडबैक लेने और संतुष्टि का स्तर पता करने के लिए सुशासन संवाद केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र ने अपना काम शुरू कर दिया है। केंद्र के माध्यम से लिए गए फीडबैक में आवेदकों की असंतुष्टि और खराब गुणवत्ता मिलने पर संबंधित तहसीलदारों के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी।
यह बात कलेक्टर आशीष सिंह ने शनिवार को आयोजित राजस्व बैठक में कही। बैठक में सभी अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारियों शामिल थे। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी पूरी लगन, मेहनत, ईमानदारी और कर्मठता के साथ पारदर्शिता से काम करें। सभी अधिकारी राजस्व केसों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में करें। इसमें गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। केस विस्तृत आदेश के साथ निराकृत करें। अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही और उदासीनता नहीं बरतें। लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




